1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 15 Feb 2026 08:21:31 AM IST
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NEET student case : बिहार की राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद की एक छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्रा की मौत के सदमे से जूझ रहे परिजनों को अब धमकी मिलने का मामला सामने आया है। परिवार के पैतृक गांव स्थित घर में किसी अज्ञात व्यक्ति ने धमकी भरा पर्चा फेंक दिया, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना के बाद परिवार के लोग भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हो गए हैं।
परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 11 बजे घर की रसोई की खिड़की पर एक पर्चा रखा मिला। पर्चे में लिखा था कि “ज्यादा तेज बनोगे तो उठा लिए जाओगे, मार दिए जाओगे।” धमकी भरा संदेश मिलने के बाद परिवार के सदस्यों में दहशत का माहौल है। हैरानी की बात यह है कि यह घटना उस समय हुई जब घर पर पहले से ही पुलिस की सुरक्षा तैनात थी। पिछले एक सप्ताह से छात्रा के घर की सुरक्षा के लिए एक सब-इंस्पेक्टर, दो होमगार्ड और एक चौकीदार की ड्यूटी लगाई गई है। इसके बावजूद धमकी भरा पर्चा मिलने से पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलने के बाद शकूराबाद थानाध्यक्ष राहुल कुमार तुरंत गांव पहुंचे और पर्चे को जब्त कर लिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पर्चे की सत्यता और इसके पीछे शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। प्रथम दृष्टया यह असामाजिक तत्वों की करतूत प्रतीत हो रही है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मामले की सच्चाई सामने लाई जाएगी।
गौरतलब है कि जहानाबाद की यह छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। 6 जनवरी को वह अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की हालत में मिली थी। उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। शुरुआत में पुलिस ने इस घटना को आत्महत्या करार दिया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की बात सामने आने के बाद मामले की दिशा बदल गई।
परिजनों ने छात्रा के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी गई है। इससे पहले पटना पुलिस और विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर चुकी है। फोरेंसिक जांच में छात्रा के अंत:वस्त्र से पुरुष के स्पर्म की पुष्टि होने के बाद एसआईटी ने गांव के एक दर्जन से अधिक लोगों के डीएनए सैंपल भी जांच के लिए लिए थे।
न्याय की मांग को लेकर छात्रा के परिजन लगातार आंदोलन कर रहे हैं। बीते 8 फरवरी को परिजन दिल्ली के जंतर मंतर पर भी प्रदर्शन करने पहुंचे थे। परिवार का आरोप है कि इस मामले में कई स्तर पर लापरवाही बरती गई है। परिजन अब सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट के किसी जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। साथ ही वे पुलिस, हॉस्टल प्रबंधन और इलाज करने वाले डॉक्टरों की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल धमकी भरे पर्चे की घटना के बाद मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही हैं, जबकि परिजन जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।