Bihar Yojana 2026 : बिहार की 25 लाख महिलाओं के खाते में आएंगे 10-10 हजार रुपए, जान लीजिए तारीख; इन्हें होगा फायदा

बिहार सरकार मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 25 लाख महिलाओं को 16 फरवरी को 10-10 हजार रुपए डीबीटी के जरिए भेजेगी। योजना के तहत महिलाओं को कुल 2 लाख रुपए तक सहायता मिलेगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 15 Feb 2026 09:03:58 AM IST

Bihar Yojana 2026 : बिहार की 25 लाख महिलाओं के खाते में आएंगे 10-10 हजार रुपए, जान लीजिए तारीख; इन्हें होगा फायदा

- फ़ोटो

Bihar Yojana 2026 : बिहार की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 25 लाख महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 16 फरवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 25 लाख महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 10-10 हजार रुपए भेजे जाएंगे। इस योजना के तहत कुल 2500 करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाना है।


सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सुबह 9:45 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राशि ट्रांसफर करेंगे। इस मौके को खास बनाने के लिए राज्य के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला, प्रखंड, संकुल और ग्राम संगठन स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम होंगे, ताकि योजना की जानकारी अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंच सके। राज्य के सभी 38 जिला मुख्यालयों में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें लाभुक महिलाओं को योजना से जुड़ी जानकारी और मार्गदर्शन दिया जाएगा।


मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को कुल 2 लाख रुपए तक की सहायता राशि दी जाएगी। इस योजना का मकसद महिलाओं को अपना छोटा व्यवसाय या स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के तहत सहायता राशि पांच चरणों में दी जाएगी। पहले चरण में महिलाओं को 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इसके बाद दूसरे चरण में 20 हजार रुपए, तीसरे चरण में 40 हजार रुपए, चौथे चरण में 80 हजार रुपए और पांचवें तथा अंतिम चरण में 60 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। इस तरह कुल मिलाकर महिलाओं को 2 लाख रुपए की सहायता मिलेगी।


हालांकि, सरकार द्वारा पूरी राशि एक साथ नहीं दी जाएगी। आगे की किस्त जारी करने से पहले महिलाओं द्वारा पहले चरण में मिले 10 हजार रुपए के उपयोग का आकलन किया जाएगा। इस आकलन की जिम्मेदारी ग्राम संगठन को दी गई है। ग्राम संगठन यह जांच करेगा कि महिलाओं ने मिली हुई राशि से कोई दुकान, व्यवसाय या अन्य रोजगार शुरू किया है या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि महिला लाभुक रोजगार को लेकर कितनी सक्रिय और रुचि दिखा रही है।


ग्राम संगठन अपनी रिपोर्ट तैयार कर ब्लॉक स्तर पर भेजेगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की सहायता राशि जारी करने का निर्णय लिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सहायता राशि का सही उपयोग हो और महिलाओं को स्थायी रोजगार मिल सके।


इस योजना से लाखों महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ाएं और समाज में अपनी मजबूत पहचान बना सकें। यह योजना राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।