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coaching guidelines : पटना कोचिंग संस्थानों पर सख्ती, छात्र सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस का बड़ा आदेश; अब हर हाल में करना होगा यह काम

पटना में छात्रा मौत मामले के बाद बिहार पुलिस सख्त, सभी कोचिंग संस्थानों को थाने में रजिस्ट्रेशन, बायोमेट्रिक, सीसीटीवी और सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य।

coaching guidelines : पटना कोचिंग संस्थानों पर सख्ती, छात्र सुरक्षा को लेकर बिहार पुलिस का बड़ा आदेश; अब हर हाल में करना होगा यह काम
Tejpratap
Tejpratap
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coaching guidelines : पटना में हाल ही में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की मौत और कोचिंग संस्थान की छत से गिरकर छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले ने प्रशासन को गंभीर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। इस घटना के बाद पटना समेत पूरे राज्य में छात्रों की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है, जिसके तहत अब हर कोचिंग संस्थान का पूरा ब्योरा स्थानीय थाने में रखना अनिवार्य कर दिया गया है।


नई व्यवस्था के अनुसार कोचिंग संस्थानों की निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित थानाध्यक्षों को दी गई है। पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि किसी भी कोचिंग संस्थान में आपराधिक पृष्ठभूमि या नैतिक अपराध से जुड़े व्यक्तियों को नौकरी न दी जाए। इसके साथ ही सभी संस्थानों में शिकायत पुस्तिका रखना अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि छात्र-छात्राएं अपनी समस्याओं को दर्ज करा सकें। अगर कोई छात्र या छात्रा बिना सूचना के अनुपस्थित रहता है तो उसकी जानकारी तुरंत अभिभावकों को देना भी अनिवार्य किया गया है।


पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि एसडीपीओ और थानाध्यक्ष स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराएं। कोचिंग संस्थानों के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है और यह पंजीकरण संख्या संस्थान के मुख्य प्रवेश द्वार या रिसेप्शन पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी।


इसके अलावा छात्रों की सुरक्षा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कई तकनीकी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। सभी कोचिंग संस्थानों को छात्रों और स्टाफ की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाना होगा। साथ ही प्रत्येक संस्थान में नामांकित छात्रों को पहचान पत्र जारी करना अनिवार्य किया गया है। पुलिस ने निर्देश दिया है कि कोचिंग संस्थानों में उच्च गुणवत्ता वाले एचडी कैमरे लगाए जाएं, जिनमें कम से कम 30 दिनों का बैकअप उपलब्ध रहे। ये कैमरे संस्थान के मुख्य प्रवेश द्वार, गलियारों और परिसर के अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाए जाएंगे। एसडीपीओ और थानाध्यक्ष समय-समय पर इन कैमरों की जांच भी करेंगे।


छात्रों की पढ़ाई और मानसिक स्थिति पर नजर रखने के लिए भी विशेष व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस यह सुनिश्चित करेगी कि मॉक टेस्ट या अन्य परीक्षाओं में छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी नियमित रूप से अभिभावकों को दी जाए। अगर किसी संस्थान में ऐसी व्यवस्था नहीं है तो उसे तुरंत लागू करना होगा।


यदि कोई कोचिंग संस्थान छात्रों के लिए परिवहन सेवा उपलब्ध कराता है, तो वाहन चालक और सह चालक का पुलिस सत्यापन कराना भी अनिवार्य होगा। इन सभी नियमों का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कोचिंग संस्थानों में अनुशासन व पारदर्शिता बढ़ाना है।


प्रशासन का मानना है कि हाल की घटनाओं से सबक लेते हुए यह कदम छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही कोचिंग संस्थानों को भी जवाबदेह बनाकर सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करने की दिशा में यह एक अहम पहल माना जा रहा है।