1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 15 Feb 2026 09:24:50 AM IST
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JEEViKA Women Scheme : ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से चल रही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सरकार द्वारा जीविका से जुड़ी महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए अधिकतम ₹2 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। हालांकि, इस राशि को प्राप्त करने के लिए लाभार्थी महिलाओं को कई निर्धारित मानकों और शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा। ग्रामीण विकास विभाग ने इस योजना को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
सरकार द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि लाभार्थी महिलाओं को ₹2 लाख की पूरी राशि एक साथ नहीं दी जाएगी, बल्कि यह राशि चार अलग-अलग किस्तों में जारी की जाएगी। योजना के पहले चरण में महिलाओं को ₹10,000 की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। इस राशि के उपयोग से शुरू किए गए रोजगार का ग्राम स्तर पर आकलन किया जाएगा। इसके बाद जिला स्तरीय कमेटी द्वारा जांच की जाएगी और फिर राज्य स्तरीय कमेटी इसकी अनुशंसा करेगी। सभी स्तरों की स्वीकृति मिलने के बाद ही अगली किस्त जारी की जाएगी।
अगली किस्त के रूप में महिलाओं को ₹20,000 दिए जाने का प्रावधान है। इसके लिए लाभार्थी महिला को स्वयं ₹5,000 का अंशदान करना होगा। साथ ही महिला को एक शपथ पत्र भी जमा करना अनिवार्य होगा, जिसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वह राशि का उपयोग स्वरोजगार या व्यवसाय के विस्तार में करेगी। अब तक लगभग 19 लाख महिलाओं ने अगली किस्त के लिए आवेदन किया है।
इस योजना के अंतर्गत अब तक 1.56 करोड़ महिलाओं को ₹10,000 की प्रारंभिक सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। योजना की मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार अगली किस्त जारी करने के लिए छह महीने का समय निर्धारित किया गया था, जो अब पूरा होने वाला है। इसी को ध्यान में रखते हुए दूसरे चरण की सहायता राशि देने के लिए चयन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
योजना के तहत महिलाओं को व्यक्तिगत और समूह दोनों स्तर पर रोजगार शुरू करने का अवसर मिलेगा। यदि चार या पांच महिलाएं मिलकर एक व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं तो उन्हें समूह के आधार पर मासिक किस्तों में सहायता राशि दी जाएगी। उदाहरण के तौर पर यदि 10 महिलाएं मिलकर कोई रोजगार शुरू करती हैं तो उन्हें ₹20,000 प्रति महिला के हिसाब से ₹2 लाख तक की सहायता दी जा सकती है। वहीं, कुछ मामलों में यदि महिलाओं का व्यवसाय बेहतर प्रदर्शन करता है और उन्हें अधिक पूंजी की आवश्यकता होती है तो उन्हें एकमुश्त सहायता राशि देने पर भी विचार किया जाएगा। इस संबंध में अंतिम निर्णय जीविका के राज्य स्तर पर लिया जाएगा।
सहायता राशि प्राप्त करने के लिए महिलाओं को कुछ आवश्यक शर्तों का पालन करना होगा। इसमें स्वयं सहायता समूह की बैठकों में नियमित भागीदारी, हर सप्ताह समूह में ₹10 का योगदान, बचत के नियमों का पालन, व्यवसाय की स्पष्ट योजना तैयार करना और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेना शामिल है। इसके साथ ही महिलाओं को अपने आय-व्यय का पूरा लेखा-जोखा रखना होगा और हर महीने छोटी राशि से ही सही लेकिन नियमित बचत करनी होगी।
मुख्यमंत्री ग्राम संगठन के माध्यम से ही योजना के आवेदन पत्र भरे गए थे। अब ग्राम संगठन और जीविका समूह यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित महिला सभी निर्धारित मानकों का पालन कर रही है या नहीं। इस योजना से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके आर्थिक विकास को गति देने की उम्मीद जताई जा रही है।