Bihar News: बिहार की राजधानी पटना एक बार फिर नशे के अवैध कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। इस बार पुलिस ने ऐसा बड़ा खुलासा किया है, जिसने पूरे ड्रग नेटवर्क की जड़ों को हिला कर रख दिया है। चित्रगुप्तनगर और मुसल्लहपुर थाना क्षेत्र में की गई संयुक्त छापेमारी में पुलिस ने करीब सवा करोड़ रुपये की नशीली दवाओं का विशाल जखीरा बरामद किया है। इस कार्रवाई को पटना पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि शहर में कुछ गिरोह नशीली दवाओं का अवैध भंडारण कर बड़े पैमाने पर सप्लाई कर रहे हैं। इसी आधार पर एक विशेष टीम बनाई गई और निगरानी बढ़ाई गई। जांच के दौरान पुलिस को बहादुरपुर आरओबी के पास एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया, जिसे तुरंत हिरासत में लिया गया। उसकी पहचान अर्णव कुमार के रूप में हुई। शुरुआती पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर पुलिस ने चित्रगुप्तनगर और मुसल्लहपुर हाट इलाके में स्थित दो गोदामों पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान जो नजारा सामने आया, उसने पुलिस टीम को भी हैरान कर दिया। दोनों गोदामों में भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन और प्रतिबंधित कफ सिरप का स्टॉक रखा हुआ था। पुलिस ने यहां से करीब 67 हजार से अधिक नशीले इंजेक्शन और लगभग 5760 बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद किए हैं। यह पूरा माल अवैध रूप से शहर और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किया जाना था।
इस कार्रवाई की सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब पुलिस को गोदाम के अंदर से 35 पीस एंटी स्नेक वेनम भी मिले। यह दवा आमतौर पर सरकारी अस्पतालों में सांप के काटने के इलाज के लिए इस्तेमाल होती है। इसका अवैध रूप से गोदाम में पाया जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि जीवन रक्षक सरकारी दवाएं इस अवैध नेटवर्क तक कैसे पहुंचीं और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सिटी एसपी (पूर्वी) परिचय कुमार ने बताया कि इस पूरे ड्रग नेटवर्क का मास्टरमाइंड कंकड़बाग का मंटू कुमार है, जो पहले ही पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार अभियुक्त छोटू कुमार ने पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे किए हैं। उसके अनुसार, मंटू कुमार ही पूरे नेटवर्क को संचालित करता था और अलग-अलग इलाकों में नशीली दवाओं का अवैध भंडारण कर सप्लाई कराता था।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरा गिरोह एक संगठित तरीके से काम कर रहा था। अलग-अलग लोगों को सप्लाई और स्टोरेज की जिम्मेदारी दी गई थी, ताकि पुलिस को शक न हो सके। नशीले इंजेक्शन और कफ सिरप को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर शहर के कई इलाकों में पहुंचाया जाता था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कार, दो बाइक, एक स्कूटी और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि इन वाहनों का उपयोग सप्लाई और नेटवर्क को चलाने में किया जाता था।



