1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 21, 2025, 7:57:50 AM
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बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए 2025-26 के लिए प्रस्तावित नई बिजली दर जारी कर दी गई है। इस बार एचटीएसएस (हाई टेंशन स्पेशल सर्विस) श्रेणी को छोड़कर अन्य किसी श्रेणी में बिजली दरों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, 11/33 केवी एचटीएसएस कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 1 रुपये अधिक चुकाने पड़ सकते हैं। ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि उनके लिए सिर्फ एक स्लैब होगा, जिसमें 7.42 रुपये प्रति यूनिट दर तय की गई है। वहीं, शहरी उपभोक्ताओं के लिए दो स्लैब (0-100 यूनिट और 100 यूनिट से ऊपर) बनाए गए हैं, जिसका फायदा छोटे उपभोक्ताओं को मिलेगा।
पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए बिजली कंपनियों ने ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए नई योजना शुरू की है। अगर कोई उपभोक्ता अक्षय ऊर्जा से बिजली लेना चाहता है, तो उसे 1.17 रुपये प्रति यूनिट अतिरिक्त ग्रीन टैरिफ देना होगा। इसके अलावा कृषि उत्पादों का भंडारण करने वाले कोल्ड स्टोरेज उपभोक्ताओं के लिए विशेष टैरिफ लागू किया गया है, जिससे उन्हें बिजली दरों में राहत मिलेगी।
प्रस्तावित टैरिफ में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने का प्रस्ताव है। इसके अनुसार 31 मार्च 2026 तक यदि उपभोक्ता मांग से अधिक बिजली का उपयोग करते हैं तो उन पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। पहले यह छूट सिर्फ 6 महीने के लिए थी। समय पर ऑनलाइन भुगतान करने वालों को छूट दी जाएगी। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को 0.25 रुपये प्रति किलोवाट घंटा की छूट मिलेगी। अन्य उपभोक्ताओं को पहले दी जाने वाली 3% छूट को अब घटाकर 2.5% कर दिया गया है। हाईटेंशन उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान पर अधिकतम 20,000 रुपये की छूट दी जाएगी।
बिजली कंपनियों ने औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए भी कुछ महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए हैं। इसके अनुसार 10 किलोवाट से अधिक बिजली की मांग वाले सभी उपभोक्ताओं को टीओडी (टाइम ऑन डे) टैरिफ का लाभ मिलेगा। एचटी उपभोक्ताओं को लोड फैक्टर इंसेंटिव दिया जाएगा। यदि वे अपने कुल लोड का 60% से अधिक उपयोग करते हैं तो उन्हें 30 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिलेगी। 20 किलोवाट से अधिक लोड वाले स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को एडवांस बैलेंस रखने पर ब्याज का लाभ मिलेगा।
नई बिजली दरें- जानिए किस श्रेणी में कितना टैरिफ प्रस्तावित?
इस प्रस्तावित टैरिफ में मुख्य रूप से छोटे एवं मध्यम उपभोक्ताओं को राहत दी गई है, जबकि औद्योगिक एवं बड़े उपभोक्ताओं के लिए भी कई छूट एवं प्रोत्साहन दिए गए हैं। अब देखना यह है कि बिहार सरकार इस टैरिफ को अंतिम रूप से मंजूरी देती है या इसमें कोई बदलाव किया जाता है।