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BIHAR NEWS : न्यू ईयर पार्टी में चली थी गोली, डॉक्टर की हुई मौत... 7 साल बाद BJP विधायक राजू कुमार सिंह को हिरासत में लेने का आदेश; इस दिन होगी अगली सुनवाई

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बिहार के साहिबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को 2018 के चर्चित हर्ष फायरिंग मामले में दोषी करार दिया है। न्यू ईयर पार्टी के दौरान चली गोली से डॉ. अर्चना गुप्ता की मौत हुई थी। अदालत ने विधायक को गैर-इरादतन हत्या और

BIHAR NEWS : न्यू ईयर पार्टी में चली थी गोली, डॉक्टर की हुई मौत... 7 साल बाद BJP विधायक राजू कुमार सिंह को हिरासत में लेने का आदेश; इस दिन होगी अगली सुनवाई
Tejpratap
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नई दिल्ली/पटना: बिहार के साहिबगंज विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। अदालत ने उन्हें गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषसिद्धि के बाद विधायक को तत्काल हिरासत में लेने का आदेश भी जारी कर दिया। मामले में सजा पर अंतिम सुनवाई 9 जून को होगी।


यह मामला 31 दिसंबर 2018 की रात आयोजित एक न्यू ईयर पार्टी से जुड़ा है, जहां कथित तौर पर की गई हर्ष फायरिंग के दौरान एक महिला डॉक्टर की मौत हो गई थी। मृतका की पहचान डॉ. अर्चना गुप्ता के रूप में हुई थी। घटना के बाद दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी और पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी।


लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद राउज एवेन्यू कोर्ट ने विधायक राजू कुमार सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग-2 के तहत दोषी माना। यह धारा उन मामलों में लागू होती है, जहां आरोपी को अपने कृत्य के संभावित घातक परिणामों की जानकारी होती है, लेकिन हत्या करने का स्पष्ट इरादा नहीं होता। इसके अलावा उन्हें आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत भी दोषी ठहराया गया है।


हालांकि, अदालत ने इस मामले में सह-आरोपी बनाए गए अन्य लोगों को राहत दी है। कोर्ट ने विधायक की पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर उनके खिलाफ आरोप साबित नहीं हो सके।


मामले के अनुसार, 31 दिसंबर 2018 की रात दक्षिण दिल्ली के एक फार्महाउस में न्यू ईयर सेलिब्रेशन आयोजित किया गया था। आरोप था कि पार्टी के दौरान हर्ष फायरिंग की गई, जिसमें चली गोली डॉ. अर्चना गुप्ता को लग गई। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना ने उस समय भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं और हर्ष फायरिंग की घटनाओं पर सवाल खड़े किए थे।


जांच के दौरान पुलिस ने कई गवाहों के बयान दर्ज किए और फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए। अभियोजन पक्ष ने अदालत में दावा किया कि गोली चलाने की घटना में राजू कुमार सिंह की भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई है। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपों का खंडन किया, लेकिन अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए विधायक को दोषी करार दिया।


अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण चरण सजा का है। अदालत ने 9 जून को सजा पर बहस के लिए तारीख तय की है। अभियोजन पक्ष कड़ी सजा की मांग कर सकता है, जबकि बचाव पक्ष राहत देने की अपील करेगा। अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा के आधार पर विधायक की राजनीतिक और कानूनी स्थिति पर भी असर पड़ सकता है।


इस फैसले के बाद बिहार की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल भाजपा पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अदालत के अंतिम सजा आदेश पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


राउज एवेन्यू कोर्ट का यह फैसला हर्ष फायरिंग जैसी खतरनाक प्रवृत्तियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में कानून अपना काम करेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही से हुई मौत को हल्के में नहीं लिया जा सकता।