Bihar News: पश्चिम चंपारण के कैरी गांव में सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर ने सोमवार देर शाम वन विभाग और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी. तस्वीर में गन्ने के खेत में बाघ दिखाई दे रहा था. सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और रातभर इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन बाघ का कोई सुराग नहीं मिला. जांच के बाद तस्वीर AI से बनाई गई फर्जी तस्वीर निकली.
मामला मंगुराहा वन परिक्षेत्र के कैरी गांव के पास का है. सोशल मीडिया पर गन्ने के खेत में बाघ होने की तस्वीर तेजी से फैलने के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल बन गया. सूचना मिलते ही रेंजर अंशुमन कुमार के नेतृत्व में वन विभाग की टीम गांव के आसपास पहुंची.
वनकर्मियों ने रातभर गन्ने के खेतों, पगडंडियों और जंगल से सटे इलाकों में तलाशी ली. टीम ने संभावित रास्तों पर बाघ के पगचिह्न और उसकी मौजूदगी से जुड़े दूसरे संकेतों की तलाश की, लेकिन कहीं भी बाघ के आने-जाने का कोई निशान नहीं मिला.
काफी देर तक जांच के बाद वन विभाग ने तस्वीर की जांच की. रेंजर ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर AI तकनीक से बनाई गई थी. उन्होंने कहा कि ऐसी फर्जी तस्वीरों और वीडियो से लोगों के बीच बेवजह डर फैलता है और वन विभाग को भी बिना जरूरत अपना समय और संसाधन लगाना पड़ता है.
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जंगली जानवर से जुड़ी तस्वीर या वीडियो को बिना जांचे सोशल मीडिया पर साझा न करें. यदि किसी इलाके में वास्तव में बाघ या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देता है, तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें.
फिलहाल वन विभाग तस्वीर बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले व्यक्ति की पहचान में जुटा है. उसकी पहचान होने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी.




