1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 19 Feb 2026 11:05:48 AM IST
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Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राजनीतिक तापमान बढ़ गया। कार्यवाही की शुरुआत के साथ ही कुमार सर्वजीत ने कटौती प्रस्ताव को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले दिन सदन में राज्य सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने यह बयान दिया था कि जो विधायक कटौती प्रस्ताव लाते हैं, उनके क्षेत्र में विकास कार्य नहीं होगा। कुमार सर्वजीत ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया और कहा कि इस तरह का बयान न केवल जनप्रतिनिधियों का अपमान है, बल्कि जनता के अधिकारों का भी हनन है।
उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल अचानक गरमा गया। विपक्ष के कई विधायक अपनी-अपनी सीटों पर खड़े हो गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हो गई। विपक्ष का आरोप था कि अगर मंत्री का बयान सही है तो यह स्पष्ट रूप से समानता के अधिकार का उल्लंघन है और जनप्रतिनिधियों के साथ भेदभाव की मानसिकता को दर्शाता है।
कुमार सर्वजीत ने संविधान के अनुच्छेद 14 का हवाला देते हुए कहा कि सभी नागरिकों और जनप्रतिनिधियों को समान अधिकार प्राप्त हैं। यदि किसी विधायक के क्षेत्र में सिर्फ इसलिए विकास कार्य रोक दिए जाएं कि उसने कटौती प्रस्ताव रखा है, तो यह लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि मंत्री अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें और सदन को आश्वस्त करें कि किसी भी क्षेत्र के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि विपक्ष के सदस्यों ने कल हमारे एक मंत्री जी के बयान के बारे में सदन में चर्चा कर रहे हैं उसके बारे में स्पष्टीकरण चाहते हैं तो महोदय यह सदन और पूरे के बिहार के लोग और जनता इस बात से जानती है कि हम लोगों की एनडीए सरकार और हमारे नेता नीतीश कुमार किसी भी तरह का भेदभाव नहीं करते हैं।
विजय चौधरी ने कहा कि- हमलोगों का लोट्रैक रिकॉर्ड है। यह 20 वर्षों का टेस्टेड रिकॉर्ड है। इसलिए बिहार की जनता हमको आशीर्वाद देकर बहुमत से भेजते हैं हम लोग किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करते हैं। कोई हमको वोट देगा नहीं दे यह हमारे लिए मतलब नहीं रखता। हम लोगों ने सबके लिए काम किया है।