Bihar Vidhan Sabha : 13वें दिन प्रश्नकाल से आय-व्यय पर चर्चा, कृषि से नगर विकास तक कई विभागों पर सवाल

बिहार विधानसभा बजट सत्र के 13वें दिन प्रश्नकाल, शून्यकाल और 2026-27 के आय-व्यय पर चर्चा। कृषि, राजस्व, नगर विकास सहित कई विभागों पर जवाब।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 19 Feb 2026 09:42:36 AM IST

Bihar Vidhan Sabha : 13वें दिन प्रश्नकाल से आय-व्यय पर चर्चा, कृषि से नगर विकास तक कई विभागों पर सवाल

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Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज 13वां दिन है और सदन की कार्यवाही को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज बनी हुई है। सुबह निर्धारित समय पर जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, सबसे पहले प्रश्नकाल आयोजित किया गया। प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस होने की संभावना जताई जा रही है। विधायकों द्वारा विभिन्न विभागों से जुड़े सवाल उठाए जाएंगे, जिनका जवाब संबंधित मंत्री देंगे।


आज प्रश्नकाल में विशेष रूप से कृषि विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा सहकारिता विभाग से जुड़े सवालों पर चर्चा होगी। इन विभागों से संबंधित योजनाओं की प्रगति, बजट खर्च, लंबित परियोजनाओं और जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।


प्रश्नकाल के बाद शून्यकाल की कार्यवाही होगी। शून्यकाल के दौरान विधायक अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े तात्कालिक और जनहित के मुद्दों को सदन के सामने रखेंगे। इसके अलावा कार्य स्थगन प्रस्ताव और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लाए जाने की संभावना है। विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, जबकि सरकार अपनी उपलब्धियों और योजनाओं के क्रियान्वयन का पक्ष मजबूती से रखेगी।


पूर्वाह्न की कार्यवाही के बाद भोजनावकाश के लिए सदन स्थगित कर दिया जाएगा। भोजनावकाश के पश्चात जब दोबारा कार्यवाही शुरू होगी, तब वर्ष 2026-27 के आय-व्यय पर चर्चा और मतदान का महत्वपूर्ण कार्य संपन्न किया जाएगा। यह बजट सत्र का अहम चरण माना जा रहा है, क्योंकि इसी दौरान विभिन्न विभागों के लिए प्रस्तावित धनराशि पर विस्तृत चर्चा होगी और सदन की स्वीकृति ली जाएगी।


आय-व्यय पर चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्य सरकार से यह जानने का प्रयास करेंगे कि प्रस्तावित बजट का लाभ आम जनता तक किस प्रकार पहुंचेगा। कृषि, सिंचाई, पेयजल, शहरी विकास, राशन वितरण, भूमि सुधार और सहकारिता जैसे क्षेत्रों में सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं, इस पर भी विस्तृत बहस की उम्मीद है। वहीं सत्तापक्ष यह दावा करेगा कि बजट में किसानों, गरीबों, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के संतुलित विकास को ध्यान में रखा गया है।


कुल मिलाकर, बजट सत्र का 13वां दिन काफी अहम माना जा रहा है। प्रश्नकाल से लेकर आय-व्यय पर मतदान तक की कार्यवाही राज्य की विकास योजनाओं और नीतियों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सदन में आज होने वाली चर्चा और फैसलों पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई हैं।