पटना: दशहरा और दुर्गापूजा के मेले में घूमने की तैयारी कर रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले हेलमेट और सीटबेल्ट जरूर चेक कर लें। त्योहार के दौरान सड़क पर लापरवाही बरतना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है। बिहार में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। राज्यभर में चल रहे विशेष अभियान के दौरान महज 10 दिनों में 16 हजार से अधिक ई-चालान जारी किए गए हैं। इन पर करीब 15.50 करोड़ रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
परिवहन विभाग ने साफ कर दिया है कि दशहरा तक नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को राहत मिलने वाली नहीं है। सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए 20 अक्टूबर तक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान राजधानी पटना से लेकर राज्य के दूसरे जिलों तक वाहन जांच और चालान की कार्रवाई तेज रहेगी।
मेले में जाने से पहले इन गलतियों से बचें
दुर्गापूजा के दौरान पंडालों, बाजारों और प्रमुख सड़कों पर लोगों की भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में यातायात नियमों की अनदेखी दुर्घटना का खतरा बढ़ा सकती है। परिवहन विभाग के अभियान में हेलमेट नहीं पहनने, सीटबेल्ट का इस्तेमाल नहीं करने, नाबालिगों के वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
खास बात यह है कि त्योहार के दौरान जल्दबाजी में नियम तोड़ना वाहन चालकों को महंगा पड़ सकता है। इसलिए बाइक से निकलने वाले लोग हेलमेट पहनें, कार में सीटबेल्ट लगाएं और नाबालिगों को वाहन चलाने न दें। इसके अलावा वाहन चलाते समय यातायात संकेतों और निर्धारित नियमों का पालन करना भी जरूरी होगा।
चौक-चौराहों से चेकपोस्ट तक बढ़ेगी निगरानी
विशेष अभियान को प्रभावी बनाने के लिए राज्य के सभी जिलों में परिवहन विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला परिवहन पदाधिकारी, अपर जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटरयान निरीक्षक और प्रवर्तन अवर निरीक्षक अभियान का संचालन कर रहे हैं। प्रमुख चौक-चौराहों और चेकपोस्टों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मंगलवार को राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों के साथ अभियान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने वाहन जांच में तेजी लाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। परिवहन आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि अभियान के तहत की जा रही कार्रवाई की प्रतिदिन समीक्षा की जाए। किस जिले में कितनी कार्रवाई हुई और निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले प्रदर्शन कैसा रहा, इसकी नियमित निगरानी की जाएगी।
खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को भी जवाब देना पड़ सकता है। निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्रवाई नहीं करने और खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को रोजाना अभियान की प्रगति की समीक्षा कर प्रवर्तन कार्रवाई में तेजी लाने को कहा गया है।
त्योहार के दौरान सड़कों पर बढ़ने वाली भीड़ और वाहनों की आवाजाही को देखते हुए यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभाग का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं को रोकना भी है।
ऐसे में दुर्गापूजा के मेले में जाने से पहले वाहन के जरूरी कागजात, हेलमेट और सीटबेल्ट का ध्यान रखें। थोड़ी सी लापरवाही से जहां दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है, वहीं नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। बिहार में 20 अक्टूबर तक चलने वाले इस अभियान के दौरान वाहन चालकों को नियमों का पालन करके ही सड़क पर निकलना होगा।





