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Bihar Teacher Transfer : बिहार के 3.50 लाख शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, नवंबर में खुलेगा ट्रांसफर का रास्ता; इस दिन से शुरू होगा आवेदन!

बिहार के 3.50 लाख शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। छठ महापर्व के बाद नवंबर में ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। 3 से 8 नवंबर के बीच ऑनलाइन आवेदन की विंडो खुलने की संभावना है।

Bihar Teacher Transfer : बिहार के 3.50 लाख शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, नवंबर में खुलेगा ट्रांसफर का रास्ता; इस दिन से शुरू होगा आवेदन!
Tejpratap
Tejpratap
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Teacher Transfer Posting: बिहार के करीब 3.50 लाख शिक्षकों के लिए ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से मनचाहे जिले में तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ सकता है। माना जा रहा है कि छठ महापर्व के बाद नवंबर महीने में शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की विंडो नवंबर के शुरुआती दिनों में खोले जाने की तैयारी है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 3 नवंबर से 8 नवंबर के बीच शिक्षकों को ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए आवेदन का मौका मिल सकता है। हालांकि अंतिम तारीख और विस्तृत कार्यक्रम शिक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। अगर तय समय के मुताबिक प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो शिक्षकों को अपने पसंदीदा जिले में जाने का विकल्प मिलेगा।

इस बार शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की तैयारी की है। बिहार के सभी 38 जिलों को चार प्रमंडलीय क्लस्टरों में बांटकर प्रक्रिया की निगरानी की जा रही है। इसका मकसद यह है कि आवेदन से लेकर तबादले तक की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जा सके और किसी स्तर पर अनावश्यक परेशानी न हो।

आचार संहिता खत्म होते ही खुलेगा रास्ता

शिक्षकों के ट्रांसफर की राह में फिलहाल बिहार विधान परिषद के एमएलसी चुनाव की आदर्श आचार संहिता बड़ी वजह बनी हुई है। चुनाव को देखते हुए 30 अक्टूबर तक शिक्षकों के तबादले पर रोक लगी हुई है। ऐसे में शिक्षा विभाग चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ट्रांसफर-पोस्टिंग को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।

शिक्षक संगठनों और शिक्षकों के बीच लंबे समय से ट्रांसफर को लेकर इंतजार बना हुआ है। अब नवंबर में आवेदन शुरू होने की संभावना से उनमें एक बार फिर उम्मीद जगी है। खासकर ऐसे शिक्षक जो लंबे समय से अपने गृह जिले या परिवार के करीब पोस्टिंग चाहते हैं, उनके लिए यह प्रक्रिया बेहद अहम मानी जा रही है।

दो बार टल चुकी है प्रक्रिया

शिक्षकों के ट्रांसफर की प्रक्रिया पहले भी दो बार टल चुकी है। सबसे पहले 17 सितंबर से आवेदन शुरू होने की तारीख तय की गई थी, लेकिन बिहार के अलग-अलग हिस्सों में आई बाढ़ के कारण इसे रोक दिया गया। इसके बाद प्रक्रिया को दोबारा तैयार करते हुए 4 अक्टूबर से आवेदन शुरू करने की योजना बनाई गई थी।

लेकिन इसी बीच बिहार विधान परिषद के चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता लागू हो गई और ट्रांसफर-पोस्टिंग की प्रक्रिया फिर टालनी पड़ी। अब विभाग की नजर 30 अक्टूबर के बाद की स्थिति पर है। सब कुछ सामान्य रहा तो नवंबर में आवेदन की शुरुआत हो सकती है।

इस बार सर्वर नहीं बनेगा परेशानी का कारण

पिछली बार ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर शिक्षकों के बीच एक बड़ी चिंता ऑनलाइन पोर्टल पर लोड को लेकर थी। लाखों शिक्षक एक साथ आवेदन करेंगे तो सर्वर पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। लेकिन इस बार तकनीकी स्तर पर भी तैयारी की गई है।

जानकारी के अनुसार, एनआईसी और तकनीकी वेंडरों की ओर से सॉफ्टवेयर की लोड टेस्टिंग पूरी कर ली गई है। यानी बड़ी संख्या में शिक्षक एक साथ आवेदन करें, तो पोर्टल की क्षमता के मुताबिक उसे संभालने की तैयारी की जा चुकी है।

अब शिक्षकों की नजर शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेश पर टिकी है। अगर नवंबर के पहले सप्ताह में आवेदन विंडो खुलती है तो छठ के बाद हजारों-लाखों शिक्षकों के लिए ट्रांसफर की प्रक्रिया एक साथ रफ्तार पकड़ सकती है। लंबे इंतजार के बाद शिक्षकों को उम्मीद है कि इस बार उनका मनचाहे जिले में पोस्टिंग का सपना सिर्फ आवेदन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल्द ही तबादले का रास्ता भी साफ होगा।