Bihar News: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा है कि सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) महीने में एक दिन किसी शनिवार को राजस्व कर्मचारियों के साथ बैठक कर कार्यों की समीक्षा करें। इस हेतु शीघ्र विभाग से विस्तृत दिशा निर्देश जारी किया जाएगा।
राजस्व विभाग की जिलावार समीक्षा के क्रम में माननीय मंत्री ने छठे दिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सारण, नवादा और भागलपुर जिले के राजस्व कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और समयबद्ध सेवा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया।
मंत्री ने कहा कि दाखिल खारिज करने से पहले सरकारी भूमि की सूची से मिलान करके ही दाखिल खारिज करने की जरूरत है। इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी भूमिहीन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है। सभी अंचल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें शीघ्र भूमि उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि कई अंचलों में पात्र लाभुकों को अनफिट घोषित किए जाने की शिकायतें मिली हैं। ऐसे मामलों की जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान सहयोग शिविरों में प्राप्त आवेदनों की भी समीक्षा की गई। माननीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी आवेदन को अस्वीकृत करने से पहले संबंधित आवेदक से संवाद अवश्य करें। इससे आम लोगों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा और प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा।
दिलीप जायसवाल ने कहा कि हड़ताल के दौरान लंबित हुए मामलों के कारण आवेदनों का दबाव बढ़ा है। अब जबकि कार्य सामान्य रूप से शुरू हो चुका है, अधिकारियों को अतिरिक्त कार्य क्षमता के साथ काम करते हुए लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन करना होगा। उन्होंने दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी एवं अन्य जनसरोकार से जुड़े राजस्व मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटाने का निर्देश दिया।
मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगले 15 दिनों के भीतर लंबित मामलों के निष्पादन में उल्लेखनीय प्रगति दिखनी चाहिए। एक पखवाड़े बाद पुनः समीक्षा की जाएगी और अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाना है। इसलिए प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा लंबित मामलों की नियमित निगरानी की जाए।
समीक्षा बैठक में संबंधित जिलों के डीएम, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं अंचल अधिकारी उपस्थित रहे। विभागीय अधिकारियों ने म्यूटेशन डिफेक्ट चेक, ऑनलाइन दाखिल-खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी, अभियान बसेरा, गवर्नमेंट लैंड वेरिफिकेशन, राजस्व महाअभियान, पब्लिक ग्रीवांस, सहयोग शिविर तथा आरसीएमएस पोर्टल के माध्यम से निष्पादित मामलों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान सचिव जय सिंह एवं सचिव सीमा त्रिपाठी ने जिलों के अधिकारियों से उनके कार्य के डेटा के आधार पर बात की और आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान विशेष सचिव इनायत खान, अपर सचिव प्रशांत सीएच, अपर सचिव आजीव वत्सराज, अपर सचिव डॉ महेंद्र पाल, विशेष कार्य पदाधिकारी मणि भूषण किशोर, उप निदेशक मोना झा, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी जूही कुमारी, आईटी मैनेजर आनंद शंकर समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


