Bihar Politics: बिहार के अंदर हाल ही में कैबिनेट का विस्तार हुआ है। इस कैबिनेट विस्तार के बाद कई मंत्रियों के विभाग बदलने गए हैं और कुछ नए लोगों को भी नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। उसके बाद अब नए मंत्री अपने अपने विभागों का पदभार ले रहे हैं और अपने पास फाइलें मंगवा कर उसकी जांच -परख भी कर रहे हैं। ऐसे में अब जो मामला सामने आया है उसे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे या फिर आप भी कहेंगे कि क्या बिहार में अधिकारी ही सरकार चला रहे हैं ? तो आइए जानते हैं कि मामला क्या है और आखिर इस मामले को कैसे शांत किया गया।
दरअसल, नीतीश कैबिनेट का विस्तार हुआ तो बिहार में कुछ मंत्रियों के विभाग भी बदले गए ऐसे में शहर के साफ सफाई की जिम्मेवारी एक नए मंत्री जी को दी गई। और अब विभाग का पदभार ग्रहण करते हैं मंत्री जी बिखर गए। क्योंकि उन्हें अधिकारी एक बार फिर से गोल मटोल जवाब दे रहे थे उसके बाद पूरे विभाग में हड़कंप का माहौल काम हो गया बाद में जाकर मामला यह कहकर शांत करवाया गया कि काम को तुरंत करवा
देते हैं।
बताया जाता है नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री एक बात को लेकर काफी चिंतित थे क्योंकि यह मामला उनके गृह नगर पंचायत से जुड़ा था। इसकी ऑनलाइन मैपिंग नहीं हुई थी तो प्रमाण पत्र बनने में दिक्कत हो रही थी। ऐसे में क्षेत्र की जनता उन्हें हर रोज सवाल पूछ रही थी। मंत्री बनने पर भी उन पर तंज किए जा रहे थे। इसलिए विभाग में आने के पहले ही दिन इससे जुड़ी फाइल मंत्री जी ने अपने पास मंगवाई।
इसके बाद संबंधित अधिकारी से पूछा तो उन्होंने काम हो जाने का आश्वासन दिया। फिर क्या था मंत्री जी बिखर गया और बोले जब विधायक के रूप में पूछा था तब भी यही जवाब आज मंत्री बनकर आया हूं तो भी यही जवाब। यह काम ऐसे नहीं चलेगा। इस दौरान मंत्री जी के तेवर का गर्म नजर आए। इसके बाद मामला बिगड़ता अध्यक्ष श्री अधिकारी ने मोर्चा संभाला और सीनियर अधिकारी ने कहा कि एक सप्ताह में काम हो जाएगा इसके बाद जाकर मंत्री जी शांत हुए और फिर सब कुछ ठीक ठाक शुरू हुआ।





