1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 18, 2025, 2:55:07 PM
जू में नया मेहमान - फ़ोटो GOOGLE
BIHAR NEWS: पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में 4 मादा भेड़िये ने कुल 12 बच्चों को जन्म दिया है। सभी बच्चे स्वस्थ बताये जा रहे हैं। इन 12 बच्चों के जन्म के बाद अब पटना जू में भेड़ियों की संख्या 20 हो गयी है। यहां ऐसा पहली बार हुआ है कि एक समय पर इतनी बड़ी संख्या में वन्य जीव ने बच्चों को जन्म दिया है।
संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक ही समय में किसी वन्य जीवों ने इतनी संख्या में बच्चं को जन्म दिया है। यहां 4 मादा भेड़िये ने कुल 12 बच्चों को जन्म दिया है। पटना जू में पहली बार एक नर और मादा भेड़िया मैसूर के जू से 2014 में लाया गया था। जिसके बाद 2017 और 2018 में एक जोड़ा भेड़िया वैडालूर जू से लाया गया।
पटना जू में नर और मादा भेड़ियों की संख्या पहले 8 थी लेकिन अब 12 नए मेहमान के आने के बाद कुल भेड़ियों की संख्या 20 हो गयी है। 12 नवजात भेड़ियों की तस्वीर आने के बाद लोग इन बच्चों को देखने के लिए पटना जू में पहुंच रहे हैं लेकिन इन बच्चों को खास निगरानी में रखा गया है। इन बच्चों को उनकी मां के साथ अलग रखा गया है। जिसके कारण जू में आने वाले लोग भेड़िया के बच्चों को नहीं देख पा रहे हैं।
बता दें कि भारतीय भेड़िया (इंडियन ग्रे वुल्फ) कैनेडे परिवार की प्रजाति का विलुप्त प्राय वन्यजीव है, जो समूह (पैक) में रहता है। भारतीय भेड़िया भारत के शुष्क और अर्ध शुष्क मैदानी इलाकों में रहता है। इस तरह के भेड़िये की प्रजाति बिहार के वाल्मीकि ब्याघ्र के जंगल में भी पाया जाता है। किसी भी जू के संचालन में कंजर्वेशन ब्रीडिंग महत्वपूर्ण होता है।
जू विलुप्तप्राय वन्यजीवों के एक्स-सीटू कंजर्वेशन ब्रीडिंग के लिए प्रतिबद्ध है। भेड़िया के 12 बच्चों का जन्म जू के एक्स सीटू कजर्वेशन ब्रीडिंग कार्यक्रम के लिए बड़ी उपलब्धि है। विलुप्तप्राय वन्यजीवों का उनके प्राकृतिक अधिवास के बाहर कैप्टिव ब्रीडिंग कराना कठिन और चुनौतीपूर्ण कार्य रहता है। जू कर्मियों के अथक परिश्रम और प्रयासों से ऐसे विलुप्तप्राय वन्य जीव का सफल प्रजनन हो पाया है।