Bihar Vidhan Sabha : नल -जल योजना के तहत हो रहा खूब भ्रष्टाचार ! अपने ही सरकार पर LJP(R) और BJP के विधायक ने लगाया आरोप, विपक्ष भी समर्थन में आया; अधिकारियों पर गड़बड़ी का आरोप

Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा के बजट सत्र में आज लोजपा (रामविलास) के विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने नल जल योजना में गंभीर गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 05 Feb 2026 11:34:09 AM IST

Bihar Vidhan Sabha : नल -जल योजना के तहत हो रहा खूब भ्रष्टाचार ! अपने ही सरकार पर LJP(R) और BJP के विधायक ने लगाया आरोप, विपक्ष भी समर्थन में आया; अधिकारियों पर गड़बड़ी का आरोप

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Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा के बजट सत्र में आज नल जल योजना को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच कड़ी बहस देखने को मिली। लोजपा (रामविलास) के विधायक मुरारी प्रसाद गौतम ने सदन में अपनी ही सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी विधानसभा के कई गांवों में नल जल योजना का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है और इसमें कई तरह की गड़बड़ियां हैं।


विधायक गौतम ने बताया कि उनके विधानसभा क्षेत्र में कई पहाड़ी और दूरदराज के गांव ऐसे हैं, जहां पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित है। उन्होंने कहा कि सरकारी अधिकारियों द्वारा किये जा रहे दावे कि सभी जगह पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते। उनका यह भी दावा था कि जो मोटरें योजना के तहत लगाई गई हैं, वे चालू ही नहीं हुई हैं। "तो फिर पानी कैसे पहुंचेगा?" मुरारी प्रसाद ने सदन में सवाल किया। उन्होंने सदन में यह भी कहा कि उनके पास फोटोग्राफ हैं, जो इस बात को प्रमाणित करते हैं कि मोटर चालू नहीं हैं और पानी की सप्लाई नहीं हो रही।


इसके बाद अपने ही दल के सहयोगी और जल संसाधन विभाग के मंत्री ने जवाब दिया। मंत्री ने कहा कि रोहतास प्रखंड के तेल कप पंचायत में नल जल योजना के तहत सभी जगह पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। मंत्री ने अधिकारियों द्वारा की गई जांच का हवाला देते हुए कहा कि पदाधिकारियों ने जाकर सभी जगह निरीक्षण किया और उनमें कोई समस्या नहीं पाई गई। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि वर्तमान में पेयजल की कोई समस्या नहीं है।


हालांकि, मुरारी प्रसाद गौतम ने इस जवाब को खारिज करते हुए कहा कि उनके पास ठोस प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि उनकी तस्वीरें दिखाती हैं कि मोटर चालू नहीं हैं और किसी भी तरह की पैदल व्यवस्था आज तक नहीं बनाई गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि कई पहाड़ी गांवों में पानी की कमी से ग्रामीण जनता को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।


इस मुद्दे पर सदन में स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि अगर सदस्य के पास फोटोग्राफ या कोई अन्य प्रमाण है, तो वे उन्हें सदन को दिखा दें। इसके जवाब में मंत्री ने कहा कि तस्वीरें स्पष्ट करें कि पानी आ रहा है या नहीं, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आए।


इस बीच, एक और विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ सरकारी पदाधिकारी गड़बड़ी में लगे हुए हैं, जिसके कारण योजना का सही क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए और नल जल योजना का लाभ सभी गांवों तक समय पर पहुंचाया जाए।


इस पर विपक्षी विधायक भी आंदोलन में शामिल हो गए। उन्होंने अपने-अपने सीटों से खड़े होकर हंगामा शुरू कर दिया और सदन में नल जल योजना की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाने लगे। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही बाधित हुई और स्पीकर को मामला नियंत्रित करना पड़ा।


मुरारी प्रसाद गौतम का कहना है कि अगर पहाड़ी और दूरदराज के गांवों में पानी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वहां के ग्रामीण गंभीर संकट का सामना कर सकते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि नल जल योजना की निगरानी कड़ी की जाए और जो मोटरें अभी तक चालू नहीं हुई हैं, उन्हें तुरंत चालू कराया जाए।


इधर, तेघड़ा के बीजेपी विधायक रजनीश कुमार ने सदन में नल-जल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा के 280 नल-जल में से आधे से ज़्यादा बंद है। सरकार की तरफ से सदन को भ्रमित किया जाने वाला जवाब है। नल-जल के तहत मेरे विधानसभा में आधे से ज़्यादा में बिजली बिल का भुगतान नहीं किया गया है। ऑपरेटर के पारिश्रमिक का भुगतान नहीं किया गया है। इसके कारण ये बंद हैं। जबकि ये सीएम नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है।


इसके बाद मंत्री ने बताया कि इनमें कुछ पंचायती राज विभाग का है, जल्द इसका समाधान कर लिया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम ने विधानसभा में नल जल योजना की कार्यप्रणाली और सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। न केवल विपक्ष बल्कि सत्तापक्ष के कुछ विधायक भी इस मुद्दे पर चिंतित दिखाई दिए। आगामी दिनों में यह देखना होगा कि सरकार इस विवादित मुद्दे पर क्या कदम उठाती है और क्या सभी गांवों तक योजना का लाभ पहुंच पाता है।