1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 05, 2026, 12:28:03 PM
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बिहार विधानसभा बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में ध्यान आकर्षण के दौरान महत्वपूर्ण चर्चा हुई। जदयू के विधायक श्याम रजक ने सरकार से यह मांग की कि फुलवारी शरीफ में एक महिला डिग्री कॉलेज खोला जाए, ताकि क्षेत्र की छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवतियों की शिक्षा की दिशा में यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण होगा।
इस पर उच्च शिक्षा विभाग के मंत्री सुनील कुमार ने जवाब देते हुए कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट अभिभाषण और निश्चय पत्र के अनुसार, जहां पहले से महाविद्यालय संचालित नहीं है, वहां नए महाविद्यालय स्थापित करने की कोई योजना अभी नहीं बनाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा इस दिशा में अभी तक कोई औपचारिक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।
मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि वर्तमान में विभाग ने सभी जिला पदाधिकारियों से यह जानकारी जुटाई है कि किन-किन सरकारी भूमि का उपयोग महाविद्यालय स्थापना के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "हम सभी विकल्पों का अध्ययन कर रहे हैं और जहाँ जरूरत होगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।"
सदन में चर्चा के दौरान विधायक श्याम रजक ने जोर देते हुए कहा कि फुलवारी ब्लॉक के पीछे सरकार की जमीन मौजूद है, जिसे महाविद्यालय स्थापना के लिए प्राथमिकता दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि स्थानीय महिला छात्राओं के लिए यह महाविद्यालय उनके शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने में मददगार होगा।
मंत्री ने इसका सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि यदि भूमि उपलब्ध होती है और वहां कॉलेज खोलने की जरूरत महसूस होती है, तो विभाग इस पर गंभीरता से विचार करेगा। उन्होंने कहा, "हम इसे प्राथमिकता देंगे और क्षेत्र में उच्च शिक्षा की सुविधा बढ़ाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाएंगे।"
इसके अलावा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकार के पास महिला विद्यालय खोलने का कोई ठोस योजना नहीं है, लेकिन सदन में उठाए गए सवालों और स्थानीय जरूरतों को देखते हुए विभाग इस पहल पर विचार करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सभी निर्णय स्थानीय जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर लिए जाएंगे।
सदन में हुई इस चर्चा को क्षेत्रवासियों ने स्वागत योग्य कदम बताया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि फुलवारी शरीफ में महिला डिग्री कॉलेज खुलने से युवतियों को न केवल शिक्षा के अवसर मिलेंगे, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण में भी मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिला शिक्षा पर ध्यान देना सरकार की प्राथमिकताओं में होना चाहिए। महिला डिग्री कॉलेज न केवल छात्राओं की उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करेगा, बल्कि उनके करियर और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देगा।
इस पहल के तहत, यदि विभाग जल्दी ही भूमि और संसाधनों का आकलन करता है, तो आने वाले बजट सत्र में इस दिशा में कदम उठाने की संभावना बढ़ सकती है। विधायक श्याम रजक ने भी आशा जताई कि सरकार उनकी मांग को गंभीरता से लेगी और जल्द ही फुलवारी शरीफ में महिला डिग्री कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी। इस मामले को लेकर स्थानीय नागरिकों और छात्राओं में भी उत्साह देखा गया। कई लोगों ने कहा कि यह कदम शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास में भी सहायक होगा।
बिहार विधानसभा में हुई इस चर्चा ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया कि शिक्षा और विशेषकर महिला शिक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और स्थानीय जरूरतों को देखते हुए उचित कदम उठाने का प्रयास किया जा रहा है।
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