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Bihar Land Survey: सावधान! अगर दाखिल-खारिज में ऑनलाइन की यह गलती...तो फंस जाएगी आपकी पुश्तैनी जमीन

Bihar Land Survey: अगर आप भी दाखिल खारिज के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आपको एक जरूरी बात का ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि अगर आपने ऐसा नहीं किया तब आपके लिए मुश्किल हो सकती है।

Bihar Land Survey
सावधान! अगर दाखिल-खारिज में ऑनलाइन की यह गलती...तो फंस जाएगी आपकी पुश्तैनी जमीन
© सांकेतिक तस्वीर
Khushboo Gupta
Khushboo Gupta
3 मिनट

Bihar Land Survey: बिहार सरकार की ओर से जमीन से संबंधित सभी कागजात को ऑनलाइन किया जा रहा है। जमाबंदी के डिजिटाइजेशन से लेकर मालगुजारी रसीद की पूरी प्रक्रिया को भी अब ऑनलाइन कर दिया गया है। साथ ही दाखिल खारिज के आवेदन से लेकर करेक्शन स्लिप जनरेट होने तक की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो गई है। ऐसे में दाखिल खारिज करने के लिए लोगों को ऑनलाइन ही आवेदन करना पड़ता है।  अगर आप भी दाखिल खारिज के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आपको एक जरूरी बात का ध्यान रखना पड़ेगा नहीं तो आपको परेशानी झेलनी पड़ सकती है।


दाखिल-खारिज आवेदन की प्रक्रिया को ऑनलाइन किए जाने के बाद रैयत बड़ी संख्या में कस्टमर सर्विस सेंटर (सीएससी) या साइबर कैफे से आवेदन करते हैं। ऐसे में कई बार साइबर कैफे संचालक आवेदक के मोबाइल नंबर की जगह अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर उनका आवेदन कर देते हैं। ऐसा करने वाले रैयतों की मुश्किल अब बढ़ने वाली है।


विभाग की तरफ से यह कहा गया है कि किसी भी हाल में दाखिल खारिज के लिए आवेदन करते वक्त रैयत को अपना मोबाइल नंबर देना अनिवार्य है। अगर उनके द्वारा ऐसा नहीं किया जाता है, तब किसी प्रकार की त्रुटि या रैयत से जानकारी लेने के लिए उनसे संपर्क नहीं हो पाता है और उनका मामला अधर में लटक जाता है। ऐसे में अगर आप भी दाखिल खारिज के लिए आवेदन कर रहे हैं, तब आपको इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए।


दरअसल दाखिल खारिज की पूरी प्रक्रिया काफी आसान है। इसे लेकर आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जमीन के मालिकाना हक के लिए खतियान, केवाला इत्यादि के साथ आप दाखिल खारिज के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदक को अपना आधार कार्ड, मोबाइल नंबर इत्यादि देना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही सभी गांव में शिविर लगाकर भी लोगों का दाखिल खारिज किया जा रहा है।

रिपोर्टिंग
K

रिपोर्टर

KHUSHBOO GUPTA

FirstBihar संवाददाता

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