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बिहार के सरकारी कर्मचारियों और पदाधिकारियों को मिली बड़ी राहत, सीएम सम्राट ने लिया यह फैसला

नई सरकार बनने के बाद इस पर समीक्षा की गयी। इस मामले को नए सीएम सम्राट चौधरी ने संज्ञान में लेते हुए पहले के आदेश को निरस्त करने का निर्देश दिया। सरकार के इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों मे खुशी का माहौल है।

बिहार न्यूज
पुराने आदेश को सरकार ने लिया वापस
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA:सरकारी कर्मचारियों और पदाधिकारियों को सम्राट सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब ये भी प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। पहले एक बार से अधिक प्रतियोगिता परीक्षा देने पर रिजाइन मांगा जाता था लेकिन 6 अप्रैल को नगर विकास विभाग द्वारा जारी पुराने आदेश को सरकार ने वापस ले लिया है। अब कोई भी कर्मचारी प्रतियोगिता परीक्षा दे सकता है और परीक्षा पास कर ऊंच पदों पर आसीन हो सकता है. 


बिहार की सम्राट सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के हित में यह बड़ा फैसला लिया है। पहले सरकारी सेवा में रहते कोई भी अन्य प्रतियोगिता परीक्षा में नहीं बैठ सकता था। लेकिन नई सरकार ने यह रोक हटाने का काम किया है। सम्राट चौधरी के इस कदम से बिहार सरकार के कर्मचारियों और पदाधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। 


बता दें कि पहले कोई भी सरकारी कर्मचारी या पदाधिकारी अपने सेवाकाल के दौरान सिर्फ एक बार ही विभागीय या प्रतियोगिता परीक्षा दे सकता था। इसके बाद किसी भी परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगा दी गयी थी। यह चेतावनी दी गयी थी यदि कोई सरकारी नियम का पालन नहीं करता है तो उसे त्यागपत्र देना होगा। इस आदेश से डर का माहौल बना हुआ था। 


लेकिन नई सरकार बनने के बाद इस पर समीक्षा की गयी। इस मामले को नए सीएम सम्राट चौधरी ने संज्ञान में लेते हुए पहले के आदेश को निरस्त करने का निर्देश दिया। सरकार के इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों मे खुशी का माहौल है। अब वो अपनी योग्यता के अनुसार ऊंचे पदों पर आसीन हो सकेंगे। इसके लिए प्रतियोगिता परीक्षा में शामिल हो पाएंगे।  

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