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अब बिना वजह बड़े अस्पताल नहीं भेजे जाएंगे मरीज! बिहार में रेफरल सिस्टम हुआ सख्त, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए नए नियम

Bihar Health News: बिहार सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों के रेफरल सिस्टम को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब बिना ठोस कारण मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाएगा और इलाज की पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से दर्ज...

अब बिना वजह बड़े अस्पताल नहीं भेजे जाएंगे मरीज! बिहार में रेफरल सिस्टम हुआ सख्त, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए नए नियम
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Health News: बिहार सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराने के लिए रेफरल व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है. विभाग ने नई गाइडलाइन जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब मरीजों को बिना ठोस कारण बड़े अस्पतालों में रेफर नहीं किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को उनके जिले या नजदीकी सरकारी अस्पताल में ही बेहतर इलाज मिल सके और अनावश्यक रेफरल पर रोक लगे.


यह पहल मुख्यमंत्री के सात निश्चय-3 के तहत चल रहे “सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन” अभियान का हिस्सा है. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जिला अस्पतालों में उपलब्ध डॉक्टरों, विशेषज्ञों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का पूरा उपयोग होने से मरीजों को अपने जिले में ही बेहतर इलाज मिलेगा और मेडिकल कॉलेजों पर बढ़ता दबाव भी कम होगा.


स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में साफ कहा है कि किसी मरीज को तभी रेफर किया जाए, जब संबंधित अस्पताल में उसके इलाज की सुविधा उपलब्ध न हो. उन्होंने कहा कि अगर जिला अस्पताल में इलाज संभव है तो मरीज को दूसरे शहर भेजने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. 


स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिया है कि रेफरल प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए. किसी भी मरीज को रेफर करने से पहले डॉक्टर को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित अस्पताल में आवश्यक इलाज उपलब्ध नहीं है. साथ ही रेफर करने का कारण भी रिकॉर्ड में दर्ज करना अनिवार्य होगा.


नई व्यवस्था में BHAVYA पोर्टल की भूमिका सबसे अहम होगी. अब ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी, जांच, दवा, भर्ती, रेफरल और इलाज से जुड़ी हर जानकारी इसी पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज की जाएगी. भर्ती मरीजों का ABHA ID बनाकर उनका डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा, जिससे भविष्य में इलाज से जुड़ी पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी.


स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों को सात दिनों के भीतर आईसीयू और 24 घंटे इमरजेंसी सेवाओं को पूरी तरह सक्रिय करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही डॉक्टरों और पारा मेडिकल कर्मियों का BHAVYA पोर्टल पर पंजीकरण, ड्यूटी रोस्टर और अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ऑनलाइन अपडेट करनी होगी.


नई गाइडलाइन के अनुसार, किसी गंभीर मरीज को रेफर करने से पहले उसे चिकित्सकीय रूप से स्थिर करना अनिवार्य होगा. इसके बाद ही सरकारी ALSA या BLSA एम्बुलेंस से उसे संबंधित अस्पताल भेजा जाएगा. मरीज के इलाज की पूरी प्रक्रिया BHAVYA पोर्टल पर दर्ज होगी और उसकी कंप्यूटरीकृत प्रति मरीज या उसके परिजनों को भी दी जाएगी.


रेफरल व्यवस्था की निगरानी के लिए हर जिले में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है, जो नियमित रूप से मामलों की समीक्षा करेगी. वहीं राज्य स्तर पर भी एक नोडल अधिकारी पूरी व्यवस्था पर नजर रखेंगे.