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बिहार सरकार का नया संकल्प - स्थायी नौकरी ढाल नहीं...पुराने कदाचार पर भी चलेगा सरकारी डंडा, क्या है नया नियम....

बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि संविदा या आउटसोर्सिंग के दौरान कदाचार करने वाले कर्मियों पर स्थायी नियुक्ति के बाद भी कार्रवाई होगी।

बिहार सरकार का नया संकल्प - स्थायी नौकरी ढाल नहीं...पुराने कदाचार पर भी चलेगा सरकारी डंडा, क्या है नया नियम....
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Viveka Nand
3 मिनट

Bihar News: बिहार में बड़ी संख्या में ऐसे लोग सरकारी सेवा में आए हैं, जो पहले संविदा नियोजित थे या फिर कंपनी के माध्यम से सरकारी कार्य निबटा रहे थे. संविदा नियोजन या कंपनी के माध्यम से सेवा के दौरान कई कर्मियों ने गड़बड़ी की, इसके बाद उनकी स्थाई नियुक्ति हो गई. नियोजन के दौरान किए गए कदाचार के लिए उन्हें किस तरह से दंडित किया जाए ? इसे लेकर संशय था. अब सरकार ने महाधिवक्ता से राय लेकर स्पष्ट किया है कि वैसे कर्मियों को किस नियमावली के तहत दंड देना है.

सरकार ने स्पष्ट किया प्रावधान 

सामान्य प्रशासन विभाग ने नियमित सरकारी सेवक द्वारा पूर्व में संविदा नियोजन या बाह्य सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से की गई सेवा के दौरान किए गए कदाचार के लिए अनुशासनिक कार्रवाई करने को लेकर गाइडलाइन जारी किया है. सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने महाधिवक्ता की राय से संकल्प जारी किया है. जिसमें कहा गया कि संविदा नियोजन या बाह्य सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से नियोजित सेवक नियमित नियुक्ति होने के उपरांत, पूर्व की अवधि में किए गए कदाचार के लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी. नियमित नियुक्ति होने के बाद कंपनी के माध्यम से कार्य करने या नियोजित सेवा के दौरान किए गए कृत्य के लिए अनुशासनिक प्राधिकार बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर सकेगा. यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होगा.

क्यों जारी करना पड़ा संकल्प.....

दरअसल, सामान्य प्रशासन विभाग के समक्ष कई ऐसे मामले आए हैं.जिसमें संविदा नियोजित कर्मी या बाह्य सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से सरकारी सेवा करने के दौरान कई कदाचार किए गए थे. कदाचार के संज्ञान में आने के पूर्व ही उनकी नियमित नियुक्ति हो चुकी थी . ऐसे में सरकार के समक्ष या प्रश्न विचारनीय था कि संविदा नियोजित कर्मियों की सेवा अवधि में किए गए कदाचार के लिए बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत कार्रवाई की जाय या नहीं ? 

नौकरी पक्की होते ही नहीं मिलेगी क्लीन चिट 

अब सामान्य प्रशासन विभाग ने 2 जून के अपने संकल्प में स्पष्ट कर दिया है. पूर्व में किए गए कृत्य के बाद अगर किसी की स्थाई नियुक्ति भी हो गई हो, तब भी उसके खिलाफ सरकारी सेवा नियमावली के तहत कार्रवाई की जा सकेगी. 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता