मुजफ्फरपुर में बीच सड़क मुखिया पति और ग्रामीण में मारपीट, कमर में पिस्टल के साथ VIDEO वायरल

मुजफ्फरपुर के कथैया थाना क्षेत्र में मुखिया पति और एक ग्रामीण के बीच सरेआम लात-घूंसे चले। वायरल वीडियो में मुखिया पति की कमर में पिस्टल दिख रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

1st Bihar Published by: MANOJ KUMAR Updated Thu, 19 Feb 2026 10:21:46 PM IST

बिहार न्यूज

जांच में जुटी पुलिस - फ़ोटो रिपोर्टर

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर जिले से एक सनसनीखेज वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने कानून-व्यवस्था और ग्रामीण राजनीति के रसूख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला कथैया थाना क्षेत्र के पगहियां गांव का है, जहां पंचायत की मुखिया के पति और एक स्थानीय ग्रामीण के बीच हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक संघर्ष में तब्दील हो गया। इस पूरी घटना का करीब डेढ़ मिनट का वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।


सरेआम हाथापाई और फटे कपड़े

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि मुखिया पति मनोज पंडित और गांव के ही एक अन्य व्यक्ति के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक हो रही है। बहस के दौरान अचानक दोनों पक्षों में हाथापाई शुरू हो गई। चौंकाने वाली बात यह है कि इस दौरान मुखिया पति मनोज पंडित की कमर में एक पिस्टल साफ नजर आ रही थी। मारपीट इतनी जबरदस्त थी कि हाथापाई के दौरान पिस्टल लहराते दिख रहे शख्स के कपड़े तक फट गए। ग्रामीणों की मानें तो दूसरा पक्ष भी गांव में दबंग छवि का है, जिसके कारण विवाद ने तुरंत उग्र रूप ले लिया।


पिस्तौल छीनने की कोशिश का आरोप

घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मुखिया पति मनोज पंडित ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान विपक्षी पक्ष ने उनकी कमर से पिस्टल छीनने का प्रयास किया और उन पर जानलेवा हमला किया। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी पलटवार करते हुए मुखिया पति पर गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। बीच सड़क पर हो रहे इस ड्रामे को देख गांव में अफरा-तफरी मच गई। अंततः एक महिला और कुछ अन्य ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया, वरना स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।


पुलिस की कार्रवाई और हथियार की जांच

वीडियो के वायरल होने के बाद जिला पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि वीडियो की जांच की जा रही है। उन्होंने पुष्टि की है कि दोनों पक्षों ने संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू हथियार की वैधता को लेकर है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि सार्वजनिक रूप से दिख रही पिस्टल लाइसेंसी है या अवैध। एसपी ने बताया कि आर्म्स मजिस्ट्रेट को हथियार के सत्यापन का निर्देश दिया गया है। यदि हथियार अवैध पाया जाता है या लाइसेंसी होने के बावजूद उसका दुरुपयोग साबित होता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।