ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशदोहरी नागरिकता के बाद अब नए मामले में घिरे राहुल गांधी, सुनवाई के लिए कोर्ट ने तय की तारीखमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशदोहरी नागरिकता के बाद अब नए मामले में घिरे राहुल गांधी, सुनवाई के लिए कोर्ट ने तय की तारीख

BIHAR: आचार संहिता उल्लंघन मामले में पूर्व सांसद अजय निषाद आरोप मुक्त, MP-MLA कोर्ट से 6 साल बाद मिली बड़ी राहत

मुजफ्फरपुर के सकरा में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के छह साल पुराने मामले में पूर्व सांसद अजय निषाद को बड़ी राहत मिली है। सबूत के अभाव में विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें दोषमुक्त करार दिया। मामला 2019 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दर्ज हुआ था।

बिहार
समर्थकों में खुशी का माहौल
© REPORTER
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MUZAFFARPUR: मुजफ्फरपुर के सकरा में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के एक पुराने मामले में पूर्व सांसद अजय निषाद को विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज किए गए इस प्रकरण में न्यायालय ने उन्हें आरोपमुक्त कर दिया है।


मामला 18 अप्रैल 2019 का है। उस दिन करीब 11:50 बजे भाजपा प्रत्याशी रहे अजय निषाद का काफिला पंच पृथ्वी चौक से गुजर रहा था। आरोप था कि करीब दस गाड़ियों के काफिले, साथ में लगे बैनर और प्रचार सामग्री के साथ यह काफिला चुनाव प्रचार में संलग्न पाया गया था, जो आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना गया।


इस संबंध में सहायक अभियंता विजय कुमार पांडेय, जो उस वक्त सहायक दंडाधिकारी के रूप में प्रतिनियोजित थे, उन्होंने तत्कालीन पदाधिकारियों को एक लिखित निवेदन दिया था। उन्होंने इसमें आदर्श आचार संहिता उल्लंघन को लेकर एफआईआर किया था। शिकायत पत्र में दिनांक 18-04-2019 का उल्लेख है, जिसमें काफिले और प्रचार सामग्री के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई थी।


अजय निषाद के अधिवक्ता बच्चा पटेल ने बताया कि लगभग छह वर्षों तक चले न्यायिक प्रक्रिया के बाद सबूत के अभाव में एमपी एमएलए कोर्ट ने इस मामले में पूर्व सांसद अजय निषाद को राहत देते हुए उन्हें दोषमुक्त करार दिया है। वही अजय निषाद का कहना है कि यह न्याय कि जीत है, उन्हें न्यायालय पर पूर्ण विश्वास था। अदालत के निर्णय के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और अजय निषाद के समर्थकों में खुशी का माहौल है।

टैग्स

संबंधित खबरें