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सरकारी दावों की खुली पोल: मधुबनी में बुजुर्ग महिला को एंबुलेंस की जगह ई-रिक्शा से पहुंचाया गया घर

महिला के बेटे संजय बताया कि 102 पर कॉल किया लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। थक हारकर ई-रिक्शा पर ऑक्सीजन सिलेंडर रखकर मां को ऑक्सीजन लगाकर घर लाया गया। इस दौरान भारी परेशानियों का सामना भी करना पड़ गया।

BIHAR
स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MADHUBANI: बिहार के स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था एक बार फिर उजागर हुई है। मधुबनी सदर अस्पताल में एक 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला को सांस और पेट की गंभीर समस्या के कारण परिजन इलाज के लिए ले गए। सुबह 10:45 बजे इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि अस्पताल में वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और महिला को रेफर कर दिया।


महिला के परिजन, अधिवक्ता संजय कुमार, उन्हें घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करना चाहते थे। लेकिन अस्पताल कर्मियों ने उनकी कोई मदद नहीं की। यहां तक कि अस्पताल में एंबुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद कोई रिस्पांस नहीं मिला। 102 नंबर पर भी कॉल किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।


आखिरकार, लाचार संजय कुमार को अपनी मां को ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ ई-रिक्शा में घर ले जाना पड़ा। सड़क पर हिचकोले खाते हुए बुजुर्ग महिला को इस हाल में देखना स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को दर्शाता है। सरकार लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के दावे करती है, लेकिन यह घटना उन दावों की पोल खोल रही है। अब सवाल यह उठता है कि क्या इस तस्वीर के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन कोई कार्रवाई करेगा? क्या लापरवाह कर्मियों और 102 कॉल अटेंड न करने वाले ऑपरेटर पर कोई कार्रवाई होगी? यह देखने वाली बात होगी। 

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