Bihar Rural Road News: पश्चिम चंपारण के लौरिया प्रखंड स्थित बसंतपुर गांव में सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब आंदोलन में बदल गया है. गांव की जर्जर सड़क, जलजमाव और कीचड़ से परेशान ग्रामीण सड़क निर्माण की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं. इसी मांग को लेकर ग्रामीण गौरव पासवान सोमवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं.
भूख हड़ताल पर बैठे गौरव पासवान को ग्रामीणों का भी समर्थन मिल रहा है. भारी जलजमाव और कीचड़ के बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन में शामिल हुए. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
करीब 6 हजार लोगों का आवागमन प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार बसंतपुर गांव की आबादी करीब 6 हजार है. गांव से होकर गुजरने वाली सड़क की हालत लंबे समय से बेहद खराब है. बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है. सड़क पर जलजमाव और घुटनों तक कीचड़ जमा हो जाने के कारण लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. बारिश के बाद सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के कारण बाइक और अन्य वाहनों का आवागमन भी प्रभावित है. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और रोजाना काम के लिए आने-जाने वाले लोगों को हो रही है.
2 किलोमीटर सड़क की हालत बदहाल
ग्रामीणों के मुताबिक बेतिया-नरकटियागंज मुख्य मार्ग से चुरिया गांव तक करीब 2 किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. सड़क जगह-जगह टूट चुकी है और बरसात के दिनों में जलजमाव के कारण लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं.
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ.
दर्जनों गांवों के लोगों को होती है परेशानी
यह सड़क केवल बसंतपुर गांव के लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण है. ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग बसंतपुर, धनकुटवा, नरकटिया, गौचरी समेत दर्जनों गांवों को सिकटा और मैनाटांड़ प्रखंड से जोड़ता है.
प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण इसी सड़क से होकर आवागमन करते हैं. सड़क की बदहाली के कारण इन गांवों के लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण होने से हजारों लोगों को राहत मिलेगी.





