Bihar Bhumi: बिहार के बांका जिले के कटोरिया और चांदन अंचल में करीब 300 एकड़ गैरमजरुआ (सरकारी) भूमि की संदिग्ध जमाबंदी का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में 100 से अधिक लोगों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
राजस्व अभिलेखों में हेरफेर की आशंका
राजस्व विभाग की प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि पुराने राजस्व अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों में कथित हेरफेर कर सरकारी जमीन को निजी व्यक्तियों के नाम पर दर्ज कराया गया। ऐसे मामलों की अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही है।
एडीएम कोर्ट में पेश करने होंगे सभी दस्तावेज
एडीएम कोर्ट द्वारा जारी नोटिस में संबंधित लोगों से भूमि स्वामित्व से जुड़े सभी मूल दस्तावेज, खतियान, लगान रसीद, दाखिल-खारिज के अभिलेख और अन्य वैध साक्ष्य निर्धारित तिथि पर प्रस्तुत करने को कहा गया है। सुनवाई के दौरान इन दस्तावेजों का पुराने राजस्व रिकॉर्ड और सरकारी अभिलेखों से मिलान किया जाएगा।
अवैध जमाबंदी हुई तो होगी रद्द
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी जमाबंदी के समर्थन में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाता है या जांच में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से जमाबंदी दर्ज होना प्रमाणित होता है, तो बिहार भूमि राजस्व अधिनियम के तहत संबंधित जमाबंदी रद्द कर दी जाएगी। इसके बाद जमीन को दोबारा सरकारी खाते में दर्ज किया जाएगा।
तीन जमाबंदियां पहले ही रद्द
इस कार्रवाई के तहत चांदन अंचल के बिरनियां मौजा स्थित खाता संख्या-37, खेसरा संख्या-135 की 17.92 एकड़ सरकारी भूमि से जुड़ी तीन जमाबंदियां पहले ही निरस्त की जा चुकी हैं। जांच में यह भूमि गैरमजरुआ सरकारी भूमि पाई गई और राजस्व रिकॉर्ड व लगान रसीदों में कई विसंगतियां सामने आई थीं। एडीएम कोर्ट ने जमाबंदी संख्या 663/579 (1 एकड़), 659/532 (5.47 एकड़) और 274 (11.45 एकड़) को रद्द करने का आदेश दिया है।
संदिग्ध जमाबंदियों की जांच जारी
एडीएम अजीत कुमार ने बताया कि जिले में सरकारी भूमि की संदिग्ध जमाबंदियों की जांच लगातार जारी है। विशेष रूप से चांदन और कटोरिया अंचल में कई मामलों में अनियमितताएं सामने आई हैं और सभी मामलों की विधिसम्मत जांच की जा रही है।





