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CBSE School: बैकफूट पर आए DEO, प्राइवेट स्कूल में उर्दू पढ़ाने का आदेश लिया वापस

बिहार में पिछले दिनों शिक्षा विभाग के तरफ से एक आदेश जारी हुआ और इसमें यह निर्देश दिया गया कि प्राइवेट स्कूल में उर्दू विषय की पढ़ाई करवाई जाए। उसके बाद इसको लेकर जमकर विवाद हुआ और फिर अब इसको लेकर नया फरमान जारी किया गया है।

CBSE School
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Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

CBSE School : बिहार में सीबीएसई स्कूलों में उर्दू पढ़ाने के आदेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने आदेश जारी कर सभी सीबीएसई स्कूलों में एक-एक उर्दू शिक्षक रखने और उर्दू पढ़ाने का आदेश दिया था। उसके बाद इसका जमकर विरोध शुरू हो गया। अब मामले को तूल पकड़ता देख इस आदेश को वापस ले लिया गया है। आइए  जानते हैं पूरा मामला 


दरअसल, मुस्लिम बहुल किशनगंज जिले में जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन द्वारा सीबीएसई स्कूल में एक-एक उर्दू शिक्षक अनिवार्य रूप से रखने और उर्दू अनिवार्य रूप से उर्दू पढ़ाने के आदेश दिए गए थे। उसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी के इस आदेश को लेकर राजनीति शुरू हो गई। कई राजनेता इस मामले में बयानबाजी करना शुरू कर दिए। ऐसे में अब मामले को तूल पकड़ता देख आनन-फानन में इस आदेश को वापस ले लिया गया है। इस बात की जानकारी किशनगंज डीएम ने दी है। 


किशनगंज डीएम ने कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के इस आदेश को निरस्त करते हुए पहले की तरह ही व्यवस्था जारी रखने के आदेश दिए हैं। इससे पहले पू जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक का हवाला देते हुए कहा था कि जिले के सभी सीबीएसई बोर्ड वाले प्राइवेट स्कूल उर्दू शिक्षक रखकर पढ़ाई कराएं। सीबीएसई स्कूल संचालकों ने इस आदेश को मानने से इनकार कर दिया। 


इसके अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि दिशा की बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा यह मुद्दा उठाया गया था, उसी आलोक में यह पत्र जारी किया गया। यह कोई विभागीय पत्र नहीं है। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सीबीएसई स्कूल में मुस्लिम छात्र पढ़ाई करते हैं। उन्हें उर्दू विषय रखने में कठिनाई होती है, क्योंकि स्कूल में उर्दू के शिक्षक नहीं होते हैं। उस कठिनाई को दूर करने के लिए सीबीएसई स्कूल वालों से उर्दू शिक्षक रखकर पढ़ाई करवाने का आदेश दिया गया था।