PATNA:बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। जन सुराज पार्टी द्वारा अपने सूत्रधार प्रशांत किशोर को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। इस बीच बिहार प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें गंभीर राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि "इवेंट मैनेजर" बताया है।
राजेश राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशांत किशोर राजनीति से ज्यादा सुर्खियों में बने रहने की कोशिश करते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "बिहार की बंदी में भी पीके रहते हैं।" उनके मुताबिक चुनाव लड़ने का फैसला भी मीडिया की चर्चा में बने रहने की रणनीति का हिस्सा है।
पीके 'इवेंट मैनेजर हैं, नेता नहीं'
मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रशांत किशोर एक सफल इवेंट मैनेजर हो सकते हैं, लेकिन उन्हें गंभीर राजनीतिक नेता नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी उन्होंने कई सीटों पर माहौल बनाया, लेकिन स्वयं चुनाव नहीं लड़ा और अंतिम चरण में सक्रिय राजनीति से लगभग गायब हो गए थे।
'5 से 6 हजार वोट से ज्यादा नहीं मिलेंगे'
राजेश राठौड़ ने दावा किया कि बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर कोई बड़ा राजनीतिक प्रभाव नहीं छोड़ पाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें अधिकतम पांच से छह हजार वोट ही मिलेंगे और चुनाव परिणाम में उनकी स्थिति "ढाक के तीन पात" जैसी रहेगी।
6 जुलाई से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद बांकीपुर विधानसभा की यह सीट रिक्त हुई है। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए 6 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। रविवार को तो प्रशांत किशोर ने खुद उपचुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। हालांकि भाजपा ने अब तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
महागठबंधन में उम्मीदवार को लेकर मंथन जारी
महागठबंधन के भीतर भी उम्मीदवार के चयन को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हो सका है। परंपरागत रूप से बांकीपुर सीट कांग्रेस के खाते में रही है, जबकि 2025 के विधानसभा चुनाव में यह सीट राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के हिस्से में गई थी। ऐसे में इस बार कांग्रेस और राजद के बीच सीट को लेकर चर्चा जारी है। राजेश राठौड़ ने कहा कि ऐतिहासिक रूप से बांकीपुर सीट कांग्रेस की मजबूत सीट रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इंडिया गठबंधन का शीर्ष नेतृत्व जल्द ही इस पर निर्णय लेगा और महागठबंधन एक मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतारेगा।
प्रशांत किशोर को समर्थन की अटकलों को किया खारिज
कांग्रेस प्रवक्ता ने महागठबंधन द्वारा प्रशांत किशोर को समर्थन दिए जाने की अटकलों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद के पास अनुभवी एवं जनाधार वाले नेताओं की कोई कमी नहीं है, इसलिए प्रशांत किशोर को समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता। अब सभी की निगाहें 6 जुलाई से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया और महागठबंधन की आगामी बैठकों पर टिकी हैं। इन बैठकों के बाद यह स्पष्ट होगा कि विपक्ष साझा उम्मीदवार उतारेगा या अलग-अलग दल अपने प्रत्याशी मैदान में उतारेंगे।





