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जमुई में सांसद अरुण भारती के सामने बोलीं महिला, 'आंख मत मारिए, एक-एक पोल खोल दूंगी'

सांसद अरुण भारती के सामने महिलाओं ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। एक महिला अधिकारी पर गुस्सा हो गयी और कहने लगी कि 'आंख मत मारिए, एक-एक पोल खोल दूंगी।' मामले को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने कार्रवाई के निर्देश दिए।

बिहार न्यूज
MP के सामने फूटा महिलाओं का गुस्सा
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
6 मिनट

JAMUI: जमुई में आयोजित जनसुविधा एवं सहयोग शिविर उस समय चर्चा का विषय बन गया जब सांसद अरुण भारती के सामने महिलाओं ने स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर रिश्वत मांगने तथा योजनाओं का लाभ नहीं देने का आरोप लगाया। इस दौरान एक महिला ने अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा, 'आंख मत मारिए, यहां सांसद और अधिकारी खड़े हैं, एक-एक पोल खोल दूंगी।' घटना का वीडियो और बयान अब इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।


भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में मंगलवार को जनसुविधा शिविर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें शामिल होने के लिए जमुई के सांसद अरुण भारती पहुंचे। कार्यक्रम के समापन के बाद इलाके की महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर सांसद से मिलने पहुंच गयी और बीडीओ और डीसी के सामने कहने लगी कि काम कराने के बदले पैसा मांगा जाता है। महिलाएं कर्मचारियों और पदाधिकारियों की शिकायत सांसद से करने लगी, तभी किसी कर्मचारी ने उसे इशारा किया कि चुप हो जाइए। लेकिन एक महिला सांसद के सामने ही पदाधिकारी पर बरस पड़ी और कहने लगी कि आंख मत मारिये यहां सांसद और बीडीओ सब अधिकारी खड़े हैं, एक-एक पोल खोलकर रख दूंगी। 


सांसद अरुण भारती ने वहां मौजूद महिलाओं की समस्याएं सुनी और मौजूद अधिकारियों को जल्द से जल्द इनकी समस्याओं का समाधान निकालने की बात कही। दिव्यांगता का पेंशन, वृद्धापेंशन, पानी की समस्या सहित अपनी कई समस्याओं को लेकर महिलाएं सांसद से मिलने उनकी गाड़ी के पास पहुंची हुई थी और उनके सामने ही पदाधिकारियों और कर्मचारियों की पोल खोल दी। कहने लगी कि बिना पैसा के कोई काम नहीं करता है। काम करने के लिए पैसे मांगते हैं। पैसा नहीं दिये तो अभी तक मेरा काम नहीं हो पाया है। रोज सरकारी कार्यालय का चक्कर लगाती हूं लेकिन इन बाबूओं के कान तक जूं नहीं रेंगती। महिलाओं की समस्याओं और शिकायतों को सुनकर सांसद अरुण भारती भी हैरान रह गये। उन्होंने अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।  


दरअसल जमुई के बरहट प्रखंड क्षेत्र के राजकीय बुनियादी विद्यालय नंबर परिषद में आयोजित जन सुविधा एवं सहयोग शिविर उस समय चर्चा का केंद्र बन गया जब कार्यक्रम समाप्त होने के बाद स्थानीय महिलाओं ने अपनी समस्याओं को लेकर सीधे लोजपा (रामविलास) के सांसद अरुण भारती को घेर लिया। सांसद जैसे ही मंच से उतरकर अपनी गाड़ी की ओर बढ़े, महिलाओं ने उन्हें घेरते हुए जोरदार तरीके से अपनी पीड़ा सामने रखी और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।


महिलाओं ने कहा कि उन्होंने चुनाव के समय सांसद को वोट देकर भरोसा जताया था, लेकिन अब उन्हें बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में लंबी लाइन में खड़े होकर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। महिलाओं ने विशेष रूप से दिव्यांगता (विकलांगता) पेंशन, पेयजल की व्यवस्था और आवास की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि न तो उन्हें नियमित पेंशन मिल रही है और न ही पीने के पानी का कोई उचित साधन उपलब्ध है। कई महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय स्तर पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के बदले अवैध रूप से पैसे की मांग की जाती है।


इस दौरान डीडीसी, बीडीओ सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे, लेकिन महिलाओं ने सांसद के सामने ही व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुनते और उन्हें बार-बार चक्कर लगवाया जाता है। महिलाओं ने यह सवाल भी उठाया कि जब दूसरे लोगों के चापाकल और नल का उपयोग करने से रोका जाता है, तो वे आखिर अपनी जरूरतें कैसे पूरी करें।


महिलाओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए सांसद अरुण भारती ने मौके पर मौजूद निजी सहायक, डीडीसी और बीडीओ को तुरंत आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने महिलाओं से दिव्यांगता प्रमाण पत्र को लेकर जानकारी ली, जिस पर पता चला कि अभी तक कई लाभार्थियों का प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है, जिसके कारण वे सरकारी योजनाओं से वंचित हैं।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सांसद ने घोषणा की कि जुलाई महीने में क्षेत्र के चार अलग-अलग स्थानों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के साथ-साथ ट्राई-साइकिल, व्हीलचेयर, चश्मा और कृत्रिम अंग जैसी सहायक सामग्री भी तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। सांसद के इस आश्वासन के बाद महिलाओं के चेहरों पर संतोष और राहत की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान मौजूद थे।





रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Dhiraj Kumar Singh

FirstBihar संवाददाता