JAMUI: जमुई जिला में सावन के पावन महीने में बाबा बैद्यनाथ के दरबार में आस्था के कई अनोखे रंग देखने को मिलते हैं। कोई दंडवत प्रणाम करते हुए देवघर पहुंचता है तो कोई डाक बम बनकर सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करता है। इसी कड़ी में बिहार के जमुई जिले का 3 युवक अपने अनोखे संकल्प और कठिन साधना के कारण कांवड़ पथ पर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
जमुई निवासी शुभम कुमार अपने दो सहयोगी साहिल कुमार पांडेय और सन्नी कुमार के साथ पिछले तीन वर्षों से लगातार सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर लगभग 105 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा स्केटिंग करते हुए पूरी कर रहे हैं। पूरे रास्ते शुभम लगातार शारीरिक स्ट्रेचिंग करते हुए आगे बढ़ते हैं और "हर-हर महादेव" तथा "जय शिव शंभू" के जयकारे लगाते रहते हैं। उनका यह अनूठा अंदाज कांवड़ पथ पर चल रहे श्रद्धालुओं और राहगीरों को हैरान कर देता है। बड़ी संख्या में लोग रुककर उनका उत्साह बढ़ाते हैं और मोबाइल कैमरे में इस अनोखी यात्रा को कैद करते नजर आते हैं।
शुभम बताते हैं कि इस कठिन यात्रा के पीछे उनकी एक खास मनोकामना जुड़ी है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना की है कि वह यूट्यूब पर वायरल हों और एक सफल कंटेंट क्रिएटर के रूप में अपनी पहचान बना सकें। उनका कहना है कि उन्होंने स्केटिंग की कला भी यूट्यूब के माध्यम से ही सीखी है। अभ्यास के दौरान कई बार गिरने से उन्हें चोटें लगीं, कपड़े फट गए, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। लगातार मेहनत और अभ्यास के दम पर आज वह कई अन्य युवाओं को भी स्ट्रेचिंग सिखा रहे हैं।
शुभम का कहना है कि अपनी इसी मन्नत को पूरा करने के लिए वह लगातार तीसरे वर्ष इस कठिन यात्रा को पूरा कर बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे हैं। वहीं उनके सहयोगी साहिल कुमार पांडेय और सन्नी कुमार भी इस पूरी यात्रा में उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं। तीनों युवाओं ने बताया कि अब उनकी अगली तैयारी बाबा केदारनाथ की कठिन यात्रा को भी इसी अनोखे अंदाज में पूरा करने की है।
सोशल मीडिया के दौर में जहां युवा अपनी अलग पहचान बनाने के लिए नए-नए प्रयोग कर रहे हैं, वहीं शुभम और उनके साथियों की यह अनूठी कांवड़ यात्रा आस्था, संकल्प, मेहनत और जुनून का प्रेरणादायी उदाहरण बन गई है। कांवड़ पथ पर उनकी यह साधना श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।








