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Success Story: जमुई के मुसहर समाज की बेटी सीमा का कमाल, बाल विवाह से किया इनकार..मन लगाकर की पढ़ाई और बन गई नर्स

Success Story: जमुई के मुसहर समाज की बेटी सीमा ने बाल विवाह से इनकार कर दिया। मन लगाकर उसने पढ़ाई की और आज नर्स बनकर लोगों की सेवा कर रही है।

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जमुई के मुसहर समाज की बेटी सीमा का कमाल
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Khushboo Gupta
Khushboo Gupta
3 मिनट

Success Story: कहते हैं कि मेहनत और लगन के बल पर इंसान किसी भी मुकाम को हासिल कर सकता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है जमुई के मुसहर समाज की बेटी सीमा ने। सीमा मुसहर समाज की पहली ग्रेजुएट बेटी बनकर एएनएम के रूप में काम कर रही हैं। बाल विवाह से इनकार कर सीमा ने पढ़ाई पूरी की और अब गांव में मुफ्त चिकित्सा सेवा दे रही हैं। वाकई सीमा की ये कहानी सभी के लिए प्रेरणादायी है।


जमुई जिले के बरहट प्रखंड इलाके के कटका गांव की सीमा जो मुसहर समाज से आती हैं, ANM की पढ़ाई पूरी कर कामयाबी के रास्ते पर चल पड़ी हैं।  पढ़ाई लिखाई करने के लिए बाल विवाह से मना करने वाली सीमा अब ग्रेजुएशन के बाद एएनएम की पढ़ाई पूरी कर नर्स बन गई हैं। फिलहाल वह जमुई के एक निजी क्लीनिक में नर्स के रूप में काम करती हैं साथ ही अपने गांव के लोगों को मुफ्त में चिकित्सा सुविधा देती हैं। सीमा के पिता दिहाड़ी मजदूर का काम करते हैं जबकि उसकी मां सरकारी स्कूल में रसोईया हैं।


खबरों के मुताबिक सीमा..मुसहर समाज की पहली बेटी है जो पढ़ लिखकर एएनएम बनी हैं। आमतौर पर महादलित कैटेगरी में आने वाली मुसहर जाति के लोग या तो मजदूरी करते हैं और लड़कियों की शादी बचपन में ही कर दी जाती है। लेकिन उस मिथ्या को खुद तोड़कर सीमा ने कामयाबी हासिल की है। सीमा का कहना है कि वह डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन नर्स ही सही, वह सेवा करनी चाहती हैं।


घर से निकलकर स्कूल और कॉलेज जाने में उसे कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन उसने हार नहीं मानी। सीमा ने बताया कि इंटर करने के बाद परिवार वाले उसकी शादी करवाना चाहते थे, लेकिन वो पढ़ाई करने की जिद  पर अड़ गई,  तब परिवार वालों को उसकी बात माननी पड़ी। लगभग 700 की आबादी वाले कटका महादलित टोले में सीमा एकमात्र वैसी लड़की है जो ग्रेजुएट हैं। सीमा की कहानी आजकल के सभी युवाओं के लिए प्रेरणादायी है।

रिपोर्टिंग
K

रिपोर्टर

KHUSHBOO GUPTA

FirstBihar संवाददाता