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झाझा-बटिया रेललाइन विस्तार ने पकड़ी रफ्तार: 2700 पेड़ों और 32 से अधिक मकानों पर प्रशासन की नजर, शुरू हुई कार्रवाई

Bihar Railway Project News: झाझा-बटिया रेलखंड विस्तार परियोजना को अब गति मिल गई है। रेलवे ने निर्माण से पहले जरूरी प्रक्रियाएं तेज कर दी हैं, जिसमें पेड़ों का सर्वे और प्रभावित मकानों की नापी शामिल है। परियोजना पूरी होने के बाद क्षेत्र के लोगों...

झाझा-बटिया रेललाइन विस्तार ने पकड़ी रफ्तार: 2700 पेड़ों और 32 से अधिक मकानों पर प्रशासन की नजर, शुरू हुई कार्रवाई
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Railway Project News: जमुई जिले में लंबे समय से प्रस्तावित झाझा-बटिया रेलखंड विस्तार परियोजना अब रफ्तार पकड़ने लगी है. रेलवे ने निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में जरूरी प्रक्रियाएं तेज कर दी हैं. इस परियोजना के तहत करीब 2700 पेड़ों का सर्वे और 32 से अधिक मकानों के अधिग्रहण की तैयारी चल रही है. रेलवे और वन विभाग की टीमें मिलकर अलग-अलग स्तर पर काम कर रही हैं.


जानकारी के अनुसार, 22 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड के विस्तार के दौरान बड़ी संख्या में पेड़ परियोजना की जद में आ रहे हैं. वन विभाग की टीम इन पेड़ों का सर्वे कर उनका चिन्हांकन कर रही है. इसके बाद सभी पेड़ों का मूल्यांकन किया जाएगा. फिलहाल पेड़ों की कटाई की अनुमति नहीं मिली है.


दूसरी ओर रेलवे का निर्माण विभाग रेललाइन की जद में आने वाले मकानों की नापी कर रहा है. शुरुआती सर्वे में 32 से अधिक मकानों के प्रभावित होने की संभावना जताई गई है. हर मकान का अलग-अलग आकलन किया जा रहा है, ताकि उसके अनुसार मुआवजे की राशि तय की जा सके.


रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, सर्वे और मूल्यांकन का काम पूरा होने के बाद पूरी रिपोर्ट दानापुर मंडल के वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी. स्वीकृति मिलने के बाद प्रभावित लोगों के बैंक खातों में सीधे मुआवजे की राशि भेजी जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमों के तहत और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी.


रेलवे का कहना है कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, गजट प्रकाशन और दावा-आपत्ति जैसी जरूरी प्रक्रियाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं. अब प्रशासनिक स्तर पर कोई बड़ी बाधा नहीं बची है. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य और तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा.


सेक्शन इंजीनियर (निर्माण) रवि कुमार ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर रेलखंड की जद में आने वाले सभी पेड़ों का चिन्हांकन और प्रभावित मकानों की नापी पूरी कर रिपोर्ट भेज दी जाएगी. वहीं डीएफओ तेजस जायसवाल ने कहा कि फिलहाल वन विभाग सिर्फ पेड़ों का मूल्यांकन कर रहा है, पेड़ों की कटाई की अनुमति अभी नहीं मिली है.


गौरतलब है कि झाझा-बटिया रेलखंड का शिलान्यास 2 मार्च 2019 को तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल और तत्कालीन जमुई सांसद चिराग पासवान ने किया था. इसके बाद परियोजना कई वर्षों तक आगे नहीं बढ़ सकी. अब जरूरी राशि मिलने और प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस रेललाइन विस्तार को फिर से गति मिली है.