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मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में करोड़ों का खेल? पूर्व सचिव ने प्रिंसिपल पर लगाए गंभीर आरोप, नियुक्तियों पर भी उठे सवाल

Mirza Ghalib College News: बिहार के गया स्थित मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में वित्तीय लेनदेन, नियुक्तियों और प्रशासनिक फैसलों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पूर्व सचिव और प्रिंसिपल के बीच लगे गंभीर आरोपों के बाद मामला चर्चा में है। आखिर दोनों...

मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में करोड़ों का खेल? पूर्व सचिव ने प्रिंसिपल पर लगाए गंभीर आरोप, नियुक्तियों पर भी उठे सवाल
Ramakant kumar
3 मिनट

Mirza Ghalib College News: बिहार के गया स्थित मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में प्रशासनिक और वित्तीय विवाद गहराता जा रहा है. गवर्निंग बॉडी की ओर से पूर्व सचिव हाफिजुर रहमान खान पर अवैध निकासी के आरोप लगाए जाने के बाद अब उन्होंने मीडिया के सामने आकर इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. साथ ही कॉलेज प्रशासन और प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.


पूर्व सचिव हाफिजुर रहमान खान ने कहा कि उनके कार्यकाल में कॉलेज से होने वाली वित्तीय निकासी पर उन्होंने खुद आपत्ति जताई थी. उनका आरोप है कि कोर्ट में मुकदमे लड़ने के नाम पर लगातार लाखों रुपये निकाले गए, लेकिन यह राशि किसे और किस मद में दी गई, इसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया. उन्होंने बताया कि इस संबंध में तत्कालीन प्रिंसिपल से लिखित स्पष्टीकरण भी मांगा गया था.


हाफिजुर रहमान ने आरोप लगाया कि कॉलेज के तत्कालीन अध्यक्ष शब्बीर आरफीन शमसी के विदेश दौरे के दौरान कार्यवाहक अध्यक्ष ने उन पर अपने परिवार के लोगों की कॉलेज में नियुक्ति करने का दबाव बनाया था. उन्होंने दावा किया कि दबाव नहीं मानने के बाद से उन्हें लगातार निशाना बनाया जाने लगा.


उन्होंने कॉलेज काउंसिल की वैधता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वर्तमान अध्यक्ष अशफाक की काउंसिल सदस्यता की स्थिति स्पष्ट नहीं है. उनका कहना है कि उनका नाम वर्ष 1980 से कॉलेज की काउंसिल सूची में दर्ज है. उन्होंने अपने खिलाफ लगाए गए अवैध निकासी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस साक्ष्य है तो उसे सार्वजनिक किया जाए.


वहीं, कॉलेज के प्रिंसिपल अली हुसैन ने पूर्व सचिव के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गवर्निंग बॉडी के निर्णय के अनुसार उन्हें सचिव पद से हटाया गया है. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पूर्व सचिव के बेटे और अन्य परिजनों की कॉलेज में नियुक्तियां हुई हैं, लेकिन उनका कहना है कि सभी नियुक्तियां निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत की गई हैं.


प्रिंसिपल अली हुसैन ने अपने ऊपर लगाए गए फर्जी प्रमाणपत्र के आरोपों का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा कि यदि कोई उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्र को फर्जी साबित कर देता है, तो वे कानून के तहत मिलने वाली हर सजा स्वीकार करने के लिए तैयार हैं.
गया से नितम राज की  रिपोर्ट