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बिहार में ‘क्रिप्टो सिंडिकेट’ का भंडाफोड़: 55 करोड़ का खेल, नेपाल कनेक्शन से चला रहा था पूरा नेटवर्क

Bihar News: सीमा से सटे एक छोटे इलाके में चल रहा था ऐसा खेल, जिसका अंदाजा किसी को नहीं था… जब पुलिस ने छापा मारा, तो सामने आया करोड़ों का राज। आखिर कैसे क्रिप्टो के जरिए इतना बड़ा नेटवर्क चल रहा था?

बिहार में ‘क्रिप्टो सिंडिकेट’ का भंडाफोड़: 55 करोड़ का खेल, नेपाल कनेक्शन से चला रहा था पूरा नेटवर्क
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग के बढ़ते खतरे को फिर उजागर कर दिया है। सीमावर्ती इलाके घोड़ासहन थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह क्रिप्टो करेंसी और नकद लेन-देन के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी कर रहा था।


पुलिस की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में ही यह सामने आया है कि इस गिरोह ने अब तक करीब 55 करोड़ रुपये से अधिक का अवैध ट्रांजेक्शन किया है, जो एक बड़े स्तर के आर्थिक अपराध की ओर इशारा करता है।


मामले की जानकारी देते हुए साइबर डीएसपी अभिनव परासर ने बताया कि पुलिस को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि सीमावर्ती क्षेत्र में कुछ लोग डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर अवैध धन का लेन-देन कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई।


जब पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। सिर्फ एक मोबाइल फोन से ही करीब 6 मिलियन डॉलर यानी लगभग 55 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन के सबूत मिले। इससे यह साफ हो गया कि यह कोई छोटा-मोटा गिरोह नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर काम करने वाला संगठित नेटवर्क है।


जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ‘म्यूल अकाउंट’ का इस्तेमाल करते थे। ये ऐसे बैंक खाते होते हैं, जिनका उपयोग अवैध पैसों के लेन-देन के लिए किया जाता है। गिरोह पहले अलग-अलग खातों में पैसे जमा कराता था और फिर उन्हें नेपाल के खातों में ट्रांसफर कर देता था। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण इन्हें इस काम में आसानी मिलती थी और लंबे समय से यह नेटवर्क सक्रिय था।


पुलिस ने छापेमारी के दौरान मौके से करीब 60 लाख रुपये भारतीय नकदी और 13 लाख 67 हजार 810 रुपये नेपाली मुद्रा बरामद की है। इसके अलावा 11 मोबाइल फोन, एक सीपीयू, एक कैश काउंटिंग मशीन, दो पॉश मशीन और कई बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। बरामद सामान इस पूरे नेटवर्क के बड़े होने की पुष्टि करते हैं।


जिले के एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर पहले से ही सीमावर्ती इलाकों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी सतर्कता का नतीजा है कि पुलिस को इतनी बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान भी तेजी से की जा रही है।