1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 05, 2026, 6:53:59 PM
जातीय तनाव पर प्रशासन एलर्ट - फ़ोटो social media
DARBHANGA: दरभंगा के कुशेश्वरस्थान प्रखंड के हरिनगर गांव में मजदूरी विवाद से शुरू हुआ झगड़ा जातीय तनाव का रूप लेने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। हालात को नियंत्रित करने और शांति बहाली के उद्देश्य से गांव में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिरौल के एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, एसडीएम शशांक राज, स्थानीय थानाध्यक्ष, विभिन्न समुदायों के ग्रामीणों तथा सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में प्रशासन ने सामान्य स्थिति जल्द बहाल करने का भरोसा दिलाया, वहीं ग्रामीणों ने प्राथमिकी से निर्दोष लोगों के नाम हटाने की मांग की। एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि मामले से जुड़े वीडियो फुटेज की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने पूरे ब्राह्मण टोले पर प्राथमिकी दर्ज होने की बात का खंडन करते हुए कहा कि लगभग तीन हजार की आबादी वाले गांव में 70 लोगों को नामजद और 100 से 150 अज्ञात को आरोपित किया गया है।
जांच में जिन लोगों का घटना से कोई संबंध नहीं पाया जाएगा, उनके नाम प्राथमिकी से हटा दिए जाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की भी अपील की। फिलहाल गांव में स्थिति शांतिपूर्ण बताई जा रही है और एहतियातन तीन शिफ्ट में मजिस्ट्रेट तथा पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार, 30 जनवरी की सुबह बकाया मजदूरी को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। कैलाश पासवान ने हेमकांत झा की बहन के मकान निर्माण का कार्य किया था, जिसकी मजदूरी चार साल से लंबित थी। पैसे की मांग के दौरान रास्ते में रोकने पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला तनावपूर्ण स्थिति में बदल गया। स्थानीय स्तर पर समझौते के प्रयास जारी हैं, जबकि प्रशासन शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटा है।