ब्रेकिंग
बिहार में जर्जर भवनों पर सख्ती: बिल्डिंग बायलॉज 2026 का ड्राफ्ट जारी, खतरनाक इमारतों पर बुलडोजर एक्शन का रास्ता साफबिहार में खुलेंगे 17 नए मेडिकल कॉलेज, 16 पुराने अस्पताल भी PPP मॉडल के तहत होंगे विकसित; सरकार ने मांगे प्रस्तावभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता को दिया यह निर्देशनेपाल में भारी बारिश से कोसी नदी में उफान, बराज के 11 फाटक खोले गए; बिहार में हाई अलर्टट्रैफिक चालान नियमों में बड़ा बदलाव: 50 प्रतिशत पैसा जमा करने के बाद ही जा सकेंगे लोक अदालत, समय-सीमा हुई तयबिहार में जर्जर भवनों पर सख्ती: बिल्डिंग बायलॉज 2026 का ड्राफ्ट जारी, खतरनाक इमारतों पर बुलडोजर एक्शन का रास्ता साफबिहार में खुलेंगे 17 नए मेडिकल कॉलेज, 16 पुराने अस्पताल भी PPP मॉडल के तहत होंगे विकसित; सरकार ने मांगे प्रस्तावभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस: सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता को दिया यह निर्देशनेपाल में भारी बारिश से कोसी नदी में उफान, बराज के 11 फाटक खोले गए; बिहार में हाई अलर्टट्रैफिक चालान नियमों में बड़ा बदलाव: 50 प्रतिशत पैसा जमा करने के बाद ही जा सकेंगे लोक अदालत, समय-सीमा हुई तय

Bihar News: बिहार में पकड़ा गया फर्जी ADRM, स्वतंत्रता सेनानी ट्रेन में बना था अफसर

Bihar News: बिहार के दरभंगा में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेल पुलिस ने एक फर्जी रेल अधिकारी को गिरफ्तार किया है. स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में धौंस जमा रहा था.

Bihar News
बिहार न्यूज
© google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News:  बिहार के दरभंगा में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेल पुलिस ने एक फर्जी रेल अधिकारी को गिरफ्तार किया है। यह घटना स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 12562) के एच वन कोच में गुरुवार को हुई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मधुबनी जिले के सकरी थाने के सकरी वार्ड संख्या 17 निवासी, इंदु कांत चौधरी के पुत्र दुर्गा कांत चौधरी के रूप में हुई है। आरपीएफ ने इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।


दरभंगा आरपीएफ के निरीक्षक पुखराज मीणा ने बताया कि समस्तीपुर रेल मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों और मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष से सूचना मिली कि गाड़ी में एक व्यक्ति अपने आप को समस्तीपुर रेल मंडल का एडीआरएम (एसीसटेंट डिविजनल रेलवे मैनेजर) आलोक कुमार झा बता रहा है। इस संदिग्ध सूचना की पुष्टि के लिए आरपीएफ, राजकीय रेल थाना और सीटीईटीआई (केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान) के अधिकारी और जवानों की टीम ने दरभंगा स्टेशन पर गाड़ी के आगमन पर इस व्यक्ति की जांच की।


जांच में वह व्यक्ति अपने को एडीआरएम आलोक कुमार झा बताते हुए पकड़ में आया। जब उसे पहचान पत्र दिखाने के लिए कहा गया, तो वह उलझन में पड़ा और नॉनसेंस जवाब देने लगा। साथ ही वहां मौजूद अधिकारियों पर दबाव बनाने और धमकी देने का प्रयास किया, लेकिन कड़ी पूछताछ और सतर्कता के चलते असली पहचान सामने आ गई।

इस मामले में सीटीईटीआई के चंदेश्वर राय ने लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है, जिसके आधार पर आरपीएफ दरभंगा ने मामला दर्ज कर इसे रेलवे न्यायालय, समस्तीपुर को अग्रिम कार्रवाई के लिए भेज दिया है।


पहले भी बिहार में कई बार इस तरह के फर्जी अधिकारी पकड़ में आ चुके हैं। ऐसे लोग मनगढ़ंत अधिकारी बनकर रेलवे की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं और यात्रियों को भ्रमित करते हैं। अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे हमेशा रेल अधिकारियों से पहचान पत्र मांगें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत रेलवे पुलिस को दें। रेलवे विभाग लगातार ऐसी गतिविधियों पर नजर रख रहा है और सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर रहा है ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सेवा में कोई बाधा न आए।