BUXAR: CRPF का जवान रितेश पांडेय 23 साल देश की सेवा करने के बाद आज अपने गांव लौटे हैं। बक्सर आने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया जो किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं लग रहा था। गांव और आसपास के सैकड़ों लोग ढोल-नगाड़ों के साथ बक्सर रेलवे स्टेशन पहुंचे और फूल माला के साथ उनका स्वागत किया, इस दौरान पूरा इलाका भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
बता दें कि रितेश पांडेय 4 मार्च 2003 को CRPF में भर्ती हुए थे। 23 साल एक महीने की सेवा पूरी करने के बाद उन्होंने स्वेच्छा से सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली और अब वो अपने गांव लौटे हैं। जैसे ही वंदे भारत एक्सप्रेस सुबह करीब 9 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंची और उन्होंने बक्सर की धरती पर कदम रखा वैसे ही ‘भारत माता की जय’ के नारों से पूरा स्टेशन गूंज उठा। लोगों ने फूल-मालाओं से रितेश पांडेय का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान सबसे भावुक क्षण वह रहा जब उनकी मां ने आरती उतारकर बेटे का स्वागत किया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
औद्योगिक थाना क्षेत्र के हरिकिशुनपुर गांव निवासी रितेश पांडेय ने अपने सेवा काल में देश की सुरक्षा में अहम योगदान दिया। अब उन्होंने समाज और अपने परिवार की सेवा करने का संकल्प लिया है। मीडिया से बातचीत में सबसे पहले उन्होंने कहा कि “ना तन चाहिए, ना मन चाहिए, अमन से भरा ये वतन चाहिए…जब तक जिऊं मातृभूमि के लिए, मरूं तो तिरंगा कफन चाहिए।
रितेश पांडेय ने आगे कहा कि देश सेवा केवल सरहद पर ही नहीं, बल्कि समाज में रहकर भी की जा सकती है। अगर आप छोटा सा कचरा उठाकर कूड़ेदान में डालते हैं, तो वह भी देश सेवा है। अब मैं समाज के युवाओं को सेना में जाने के लिए प्रेरित करूंगा।
इस मौके पर मौजूद ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस स्वागत को एक नई परंपरा की शुरुआत बताया। भाजपा के जिला प्रवक्ता दीपक पांडेय ने कहा कि देश के लिए समर्पित सैनिकों का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है और बक्सर ने इस दिशा में एक मिसाल पेश की है। बता दें कि बक्सर में देश सेवा से लौटने वाले जवानों के सम्मान की परंपरा धीरे-धीरे मजबूत हो रही है। यहां सीआरपीएफ के सेवानिवृत्त जवानों का एक समूह ‘सीआरपीएफ वॉरियर’ भी सक्रिय है, जो समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।





