Bihar UP Border Bridge: बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर गंडक नदी पर करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ा पुल बनाने का रास्ता जल्द साफ होने की उम्मीद है। यह पुल दोनों राज्यों को जोड़ेगा और इसके बनने से बिहार के बेतिया से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और कुशीनगर तक आवागमन आसान होने के साथ दूरी भी कम होगी।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना नेशनल हाईवे-727 एए (NH-727AA) पर प्रस्तावित है। परियोजना को अक्टूबर 2025 में वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। अब केंद्रीय कैबिनेट से निर्माण कार्य की मंजूरी मिलने का इंतजार है। बताया जा रहा है कि इस लंबित परियोजना को जल्द मंजूरी देने को लेकर बिहार के पथ निर्माण विभाग और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच बातचीत हुई है। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा।
बेतिया में गंडक नदी पर बनने वाला यह पुल बिहार के सबसे लंबे पुलों में शामिल होगा। प्रस्तावित पुल की लंबाई करीब 12 किलोमीटर होगी। वहीं, एप्रोच रोड को शामिल करने पर पूरे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई लगभग 29.5 किलोमीटर होगी। सड़क-सह-पुल परियोजना के निर्माण पर करीब 2,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह पुल बेतिया के मनुआपुल से उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में तिवारीपट्टी-सेवराही के बीच प्रस्तावित है। इसके निर्माण से बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच एक महत्वपूर्ण नया संपर्क मार्ग विकसित होगा।
परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युइटी मोड (HAM) के तहत किया जाना प्रस्तावित है। इस मॉडल में चयनित निर्माण एजेंसी परियोजना की कुल लागत का 60 प्रतिशत वहन करेगी, जबकि 40 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जाएगी। निर्माण एजेंसी को पुल और इससे जुड़ी सड़क का 15 वर्षों तक रखरखाव भी करना होगा। परियोजना के तहत निर्माण एजेंसी को टोल टैक्स के माध्यम से अपनी लागत की वसूली करने की व्यवस्था होगी।
इस पुल के निर्माण से उत्तर बिहार और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। बेतिया के अलावा पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण के लोगों को भी उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों तक पहुंचने में सुविधा होगी।
पुल के बनने के बाद गोरखपुर, कुशीनगर, तमकुही राज और सेवराही जैसे क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान हो सकेगा। इससे दोनों राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में यात्रा के साथ-साथ व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है।





