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PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! छह परिवारों पर गिरेगी गाज... होगी सरकारी राशि की वसूली

PM Awas Yojana Scam: जमुई के चकाई प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जांच में छह परिवारों के बिहार और झारखंड, दोनों राज्यों में आवास योजना का लाभ लेने की जानकारी मिली है. प्रशासन ने अब सरकारी राशि की वसूली...

PM आवास योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा! छह परिवारों पर गिरेगी गाज... होगी सरकारी राशि की वसूली
Ramakant kumar
5 मिनट

PM Awas Yojana Scam: गरीब ब्लॉक का चक्कर काटते-काटते उम्मीद छोड़ देते हैं, और जिनके पास पहले से साधन हैं वे सरकारी योजना का लाभ उठा लेते हैं. जरूरतमंदों का हक आखिर कहां छूट जाता है, लाभुकों के चयन में चूक है या सिस्टम की निगरानी कमजोर है? जमुई के चकाई से सामने आया मामला इसी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, जहां छह परिवारों ने बिहार और झारखंड दोनों जगह प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ ले लिया.


जमुई के चकाई प्रखंड में छह परिवारों के बिहार और झारखंड, दोनों राज्यों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने का मामला सामने आया है. जांच में पता चला कि इन परिवारों ने चकाई में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना और झारखंड के देवघर में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ लिया है. मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित लाभुकों से योजना के तहत मिली राशि की वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है.


प्रधानमंत्री आवास योजना की नेशनल मॉनिटरिंग टीम की ओर से देशभर में की गई जांच के दौरान चकाई प्रखंड में यह मामला सामने आया. इसके बाद संबंधित लाभुकों से योजना की पूरी राशि वसूल करने का निर्देश दिया गया है.


चकाई बीडीओ मनीष आनंद ने 18 सितंबर को पत्र जारी कर छह पंचायतों के आवास सहायकों को वसूली की कार्रवाई तेज कर दी है. वसूल की गई राशि राज्य खाते में जमा कराने का निर्देश दिया है.


जांच के दौरान चंद्रमंडीह पंचायत के विनोद राय, माधोपुर की सुगिया देवी, डढ़वा की सांझा देवी, कल्याणपुर की राधा देवी, रामसिंहडीह की प्रभा देवी और कियाजोरी पंचायत के राजेंद्र राम के मामले सामने आए हैं.


विभाग के अनुसार, इन परिवारों ने बिहार के चकाई में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ लिया और झारखंड के देवघर में भी प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत सहायता प्राप्त की. दोनों राज्यों में योजना का लाभ लेने की जानकारी सामने आने के बाद अब प्रशासन सरकारी राशि की वसूली में जुटा है.


प्रशासन की ओर से कार्रवाई का निर्देश दिए जाने के बावजूद अब तक छह मामलों में सिर्फ एक लाभुक से 45 हजार रुपये की वसूली हो सकी है. बाकी पांच मामलों में राशि की वसूली अभी बाकी है.


बीडीओ ने संबंधित आवास सहायकों को निर्देश दिया है कि सभी लाभुकों को नोटिस देकर योजना की राशि जमा कराई जाए. तीन नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं करने पर सर्टिफिकेट केस दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी.


आधार और डिजिटल रिकॉर्ड के बावजूद दो जगह कैसे मिला लाभ?

इस मामले ने प्रधानमंत्री आवास योजना की निगरानी और सत्यापन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं. योजना में लाभुकों का आधार, बैंक खाता और योजना से जुड़ी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज रहती है. इसके बावजूद एक ही परिवार बिहार और झारखंड, दोनों जगह योजना का लाभ लेने में सफल रहा.


अब सवाल यह है कि दोनों राज्यों में लाभुकों के सत्यापन के दौरान यह जानकारी सामने क्यों नहीं आई. स्थानीय स्तर पर जांच के दौरान भी दो जगह योजना का लाभ लेने का मामला पकड़ में क्यों नहीं आया. प्रशासन अब सरकारी राशि की वसूली के साथ इन पहलुओं की भी पड़ताल कर रहा है.


पांच परिवारों से वसूली अभी बाकी

छह परिवारों का मामला सामने आने के बाद प्रशासन के सामने अब सरकारी राशि की पूरी वसूली की चुनौती है. एक मामले में 45 हजार रुपये वापस लिए जा चुके हैं, जबकि पांच परिवारों से राशि की वसूली अभी बाकी है.


बीडीओ मनीष आनंद ने बताया कि नोटिस के बाद भी राशि जमा नहीं करने वाले लाभुकों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस की कार्रवाई की जाएगी. राज्य स्तर से अलग-अलग राज्यों में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने वाले लाभार्थियों की सूची प्रखंड को उपलब्ध कराई गई है और उसी के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है.