Bihar News: बिहार में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इसी महीने के अंत तक बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) के बेड़े में 100 नई पीएम ई-बसें शामिल होने जा रही हैं। इन बसों के संचालन से यात्रियों को अधिक आरामदायक, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल यात्रा की सुविधा मिलेगी।
हाल ही में बस निर्माता कंपनी ग्रीनसेल मोबिलिटी के अधिकारियों ने परिवहन विभाग और बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल वर्मा से मुलाकात कर ई-बसों की डिलीवरी को लेकर जानकारी साझा की। बताया गया कि महीने के अंतिम सप्ताह तक सभी बसें निगम को सौंप दी जाएंगी।
ई-बस सेवा के विस्तार के साथ ही बिहार के 31 बस डिपो के आधुनिकीकरण की तैयारी भी तेज कर दी गई है। इन डिपो का पुनर्विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत किया जाएगा।
इस संबंध में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में डिपो के पुनर्निर्माण के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कंसल्टेंट कंपनी प्राइस वाटरहाउस कूपर्स (PwC) को जल्द से जल्द आरएफपी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए, ताकि समय पर टेंडर (बिडिंग) प्रक्रिया शुरू की जा सके।
बीएसआरटीसी के प्रशासक अतुल वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोनों परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि परिवहन विभाग की ओर से सभी आवश्यक सहयोग और जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि पीएम ई-बस सेवा और बस डिपो आधुनिकीकरण परियोजना बिहार के सार्वजनिक परिवहन तंत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसलिए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुविधाजनक और पर्यावरण के अनुकूल बनने की उम्मीद है।





