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Bihar News: रेलवे का नियम बदलने से बढ़ी यात्रियों की परेशानी, वेटिंग टिकट मिलना भी हुआ मुश्किल

Bihar News: भारतीय रेलवे ने जुलाई 2025 से वेटिंग टिकट नियम बदले हैं, जिससे अब बिहार की कई ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति हो गई है। अब वेटिंग टिकट भी मिलना मुश्किल, जनरल कोच में बढ़ी भीड़। जानें नए नियम और उसके प्रभाव।

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: भारतीय रेलवे ने जुलाई 2025 से वेटिंग टिकट नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसका सीधा असर बिहार की ट्रेनों पर दिख रहा है। पहले जहाँ यात्रियों को लंबी दूरी की ट्रेनों में वेटिंग टिकट आसानी से मिल जाता था, अब कई ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति बन गई है। इसका मतलब है कि अब वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं हो रहे। पटना से गुजरने वाली ट्रेनों ब्रह्मपुत्र मेल, फरक्का एक्सप्रेस और लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में 8 से 11 जुलाई तक वेटिंग टिकट लेना असंभव है। इससे यात्रियों को आपात स्थिति में भी यात्रा की योजना बनाना मुश्किल हो रहा है।


नए नियमों के तहत रेलवे ने सभी आरक्षित कोच में वेटिंग टिकट की सीमा को घटाकर कुल सीटों का केवल 25% कर दिया है। पहले जहाँ एक कोच में 400 तक वेटिंग टिकट जारी हो सकते थे, अब यह संख्या 105-110 तक सीमित है। संघमित्रा एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में 13 जुलाई तक और सेकेंड एसी में 5 जुलाई तक ‘नो रूम’ की स्थिति है। इसी तरह संपूर्णक्रांति एक्सप्रेस और जयनगर गरीबरथ में भी 5 से 11 जुलाई तक वेटिंग टिकट उपलब्ध नहीं हैं। यह बदलाव यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट की संभावना तो बढ़ाता है, लेकिन वेटिंग टिकट न मिलने से जनरल कोच में भीड़ बढ़ गई है।


इस नए नियम के फायदे और नुकसान दोनों हैं। एक तरफ कम वेटिंग टिकट होने से कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ी है, जिससे यात्रियों को पहले से बेहतर यात्रा अनुभव मिल सकता है। रेलवे का कहना है कि यह कदम भीड़भाड़ कम करने और आरक्षित कोच में केवल कन्फर्म टिकट वालों को ही यात्रा की अनुमति देने के लिए उठाया गया है। लेकिन दूसरी ओर आपात स्थिति में यात्रा करने वाले लोग अब वेटिंग टिकट के भरोसे भी यात्रा नहीं कर सकते। खासकर बिहार जैसे राज्य में जहाँ लंबी दूरी की ट्रेनों की माँग हमेशा अधिक रहती है, यात्रियों को अब परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि वेटिंग टिकट वाले यात्री स्लीपर या एसी कोच में यात्रा न करें। अगर कोई ऐसा करता पाया गया, तो उसे 250 रुपये (स्लीपर) या 440 रुपये (एसी) का जुर्माना देना होगा, साथ ही अगले स्टेशन पर उतरना भी होगा। यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे IRCTC ऐप या वेबसाइट पर PNR स्टेटस चेक करें और केवल कन्फर्म टिकट के साथ ही यात्रा करें। बिहार के यात्रियों को अब तत्काल टिकट या वैकल्पिक यात्रा साधनों पर निर्भर रहना पड़ सकता है, खासकर तब जब लोकप्रिय ट्रेनों में ‘नो रूम’ की स्थिति बनी रहे।