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Bihar Land Registry New Rules: जमीन रजिस्ट्री के नए नियम आज से लागू, ये काम होंगे अनिवार्य

Bihar Land Registry New Rules: बिहार में 1 जुलाई 2025 से जमीन रजिस्ट्री के चार नए नियम लागू। आधार बायोमेट्रिक, डिजिटल दस्तावेज अपलोड, ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल रजिस्ट्री कॉपी अनिवार्य। भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए पारदर्शी और डिजिटल प्रक्रिया शुरू..

Bihar Land Registry New Rules
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
2 मिनट

Bihar Land Registry New Rules: बिहार में 1 जुलाई 2025 से जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया में बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। सरकार ने फर्जीवाड़े और भू-माफियाओं पर नकेल कसने के लिए चार सख्त नियम पेश किए हैं। जो कि रजिस्ट्री को पारदर्शी, सुरक्षित और पूरी तरह डिजिटल बनाएंगे। ये नियम हैं: आधार बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल दस्तावेज अपलोड, ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल रसीद तथा रजिस्ट्री की डिजिटल कॉपी।


पहला नियम आधार बायोमेट्रिक सत्यापन को अनिवार्य करता है। अब रजिस्ट्री के लिए खरीदार, विक्रेता और गवाहों को फिंगरप्रिंट और रेटिना स्कैन के जरिए अपनी पहचान साबित करनी होगी। इससे फर्जी पहचान या बेनामी संपत्ति के सौदों पर रोक लगेगी। दूसरा, सभी दस्तावेज जैसे बिक्री पत्र, खाता-खेसरा और पहचान पत्र को बिहार भूमि पोर्टल पर अपलोड करना होगा। यह जाली कागजात के जरिए जमीन हड़पने की कोशिशों को रोकेगा। तीसरा, रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप ड्यूटी का भुगतान केवल डिजिटल माध्यम से होगा और इसकी डिजिटल रसीद सिस्टम में सुरक्षित रहेगी। चौथा, रजिस्ट्री पूरी होने पर तुरंत डिजिटल कॉपी मिलेगी, जिसे कभी भी डाउनलोड किया जा सकेगा, इससे कागजी हेरफेर की गुंजाइश खत्म होगी।


इस बारे में निबंधन विभाग का कहना है कि ये नियम भू-माफियाओं और जालसाजों पर सीधा प्रहार करेंगे। पहले बिहार में फर्जी दस्तावेजों और नकली पहचान के जरिए जमीन हड़पने की घटनाएं आम थीं, जैसे 2024 में पटना और मुजफ्फरपुर में दर्जनों मामले सामने आए थे। अब डिजिटल रिकॉर्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन से ऐसी धोखाधड़ी पर लगाम लगेगी। रजिस्ट्री के लिए बिहार भूमि पोर्टल पर पंजीकरण, दस्तावेज अपलोड और स्लॉट बुकिंग करनी होगी। इसके बाद सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में बायोमेट्रिक सत्यापन और मूल दस्तावेजों की जांच होगी।