Bihar News: बिहार सरकार ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए सुरक्षित और सुगम स्ट्रेचर, व्हील चेयर और पेशेंट ट्रॉली सुविधा सुनिश्चित करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि अस्पतालों में इन उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
निर्देश में कहा गया है कि अस्पतालों की क्षमता के अनुसार स्ट्रेचर, व्हील चेयर और ट्रॉली की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। ये उपकरण गंभीर, घायल या चलने में असमर्थ मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित और आरामदायक तरीके से ले जाने के लिए बेहद आवश्यक हैं।
आपातकालीन स्थिति में मरीजों को एंबुलेंस से वार्ड, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, एक्स-रे या पैथोलॉजी लैब तक पहुंचाने में इन उपकरणों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। समय पर सुविधा न मिलने से मरीज के “गोल्डन आवर” पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे जान का जोखिम बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि अस्पताल के मुख्य द्वार और पार्किंग क्षेत्र में इन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को एंबुलेंस से तुरंत वार्ड तक पहुंचाया जा सके। इससे परिजनों को मरीजों को उठाकर ले जाने जैसी असुरक्षित स्थिति से बचाया जा सकेगा।
इसके अलावा, अस्पताल की बेड क्षमता और मरीजों की संख्या को देखते हुए 10 प्रतिशत अतिरिक्त स्ट्रेचर और व्हील चेयर को स्टैंडबाय के रूप में रखने की भी सलाह दी गई है, ताकि आपात स्थिति में कोई कमी न रहे।



