Bihar News : भोजपुर जिले के आयर थाना क्षेत्र के श्रीपुर गांव में गुरुवार की सुबह एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। भारतीय सेना से सेवानिवृत्त एक पूर्व जवान की उस समय मौत हो गई, जब वह रोज की तरह सुबह टहलने के लिए घर के पास स्थित बगीचे में गए थे। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि सुबह की यह सैर उनकी जिंदगी की आखिरी सैर साबित होगी।
मृतक की पहचान श्रीपुर गांव निवासी 59 वर्षीय संतोष कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह भारतीय सेना से रिटायर होने के बाद जगदीशपुर अनुमंडलीय अस्पताल में निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। अपने अनुशासित जीवन और मिलनसार स्वभाव के कारण वे गांव और आसपास के इलाके में काफी सम्मानित माने जाते थे।
परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह संतोष कुमार सिंह रोजाना की तरह टहलने के लिए गांव के समीप स्थित बगीचे में गए थे। मौसम सामान्य था और वह आराम से बगीचे में घूम रहे थे। इसी दौरान एक बड़े कटहल के पेड़ की भारी डाल अचानक टूट गई। डाल पर लगे बड़े कटहल का वजन काफी अधिक था। डाल टूटते ही कटहल सीधे उनके सीने पर आकर गिर पड़ा। जोरदार चोट लगने से वह मौके पर ही जमीन पर गिर गए और दर्द से तड़पने लगे।
घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर दौड़ लगाई। ग्रामीणों ने देखा कि संतोष कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े हुए हैं। इसके बाद तत्काल उनके परिजनों को सूचना दी गई। परिवार के सदस्य और ग्रामीण उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए जगदीशपुर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
निजी अस्पताल में चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार किया, लेकिन सीने में गंभीर अंदरूनी चोट लगने की आशंका के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन बिना समय गंवाए उन्हें एंबुलेंस से आरा लेकर रवाना हुए, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं।
जब उन्हें आरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया तो वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की घोषणा के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। एक मामूली दिखने वाली घटना इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगी, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गई। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में इसे एक दुर्घटनावश हुई मौत माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर जानकारी एकत्र कर रही है।
इधर, संतोष कुमार सिंह की मौत की खबर गांव पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने बताया कि वह बेहद सरल, मिलनसार और मददगार व्यक्ति थे। सेना में सेवा देने के बाद भी उन्होंने समाज से जुड़कर लोगों की मदद करना नहीं छोड़ा था। उनकी अचानक हुई मौत से गांव के लोग स्तब्ध हैं।
परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में हर तरफ इसी हादसे की चर्चा हो रही है। एक रिटायर्ड फौजी की इस तरह हुई असामयिक मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रकृति से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही या अप्रत्याशित घटना भी कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो दिया है।



