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भरत तिवारी एनकाउंटर केस में चौतरफा घिरी बिहार पुलिस, रडार पर ऑपरेशन में शामिल कई पुलिसकर्मी

Bharat Tiwari Encounter Case: भोजपुर के बिलौटी गांव में हुए कथित मुठभेड़ मामले में भरत भूषण तिवारी की मौत की न्यायिक जांच और राज्य मानवाधिकार आयोग ने विस्तृत जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।

Bharat Tiwari Encounter Case
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Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bharat Tiwari Encounter Case: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में 17 जून को हुए कथित मुठभेड़ मामले में अब न्यायिक जांच और राज्य मानवाधिकार आयोग दोनों स्तरों पर विस्तृत जांच की जाएगी। इस घटना में भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद पुलिस कार्रवाई की वैधानिकता और पूरी ऑपरेशन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठे हैं।


पूरे ऑपरेशन की होगी विस्तृत जांच

जांच के दायरे में मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिसकर्मी, घटनास्थल पर उनकी भूमिका, कार्रवाई की वैधता और संपूर्ण ऑपरेशन प्रक्रिया शामिल होगी। आयोग केवल मुठभेड़ की परिस्थितियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भरत भूषण तिवारी की पृष्ठभूमि, सिस्टम से कथित नाराजगी और घटना से पहले व बाद की परिस्थितियों की भी जांच करेगा। वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पुलिस दस्तावेज और फोरेंसिक साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जाएगा।


परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

मृतक की मां आशा देवी द्वारा दिए गए आवेदन में जगदीशपुर डीएसपी, तत्कालीन शाहपुर थानाध्यक्ष समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया गया है। ऐसे में प्राथमिकी में नामित और घटना से जुड़े सभी पुलिसकर्मी जांच के दायरे में होंगे।


पुलिस महकमे में हलचल

न्यायिक जांच की घोषणा और मानवाधिकार आयोग के नोटिस के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में वर्तमान जगदीशपुर डीएसपी को फील्ड पोस्टिंग से हटाकर पुलिस मुख्यालय में क्लोज किए जाने की चर्चा है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इससे पहले, 16 जून को वायरल हुए वीडियो के मामले में शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत आधा दर्जन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।


न्यायिक जांच की घोषणा से बढ़ी उम्मीदें

मुख्यमंत्री द्वारा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने की घोषणा के बाद निष्पक्ष जांच की उम्मीदें बढ़ गई हैं। फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है और पुलिस कार्रवाई पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।


मुठभेड़ पर उठे सवाल

गौरतलब है कि 17 जून को बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान फायरिंग में भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। बाद में सामने आए वीडियो और कथित पिस्टल फेंके जाने के आरोपों ने पुलिस मुठभेड़ की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और मृतक के परिजनों ने इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता