1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 08 Nov 2025 09:24:58 AM IST
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक 28 साल के बिहारी मजदूर की बेरहमी से हत्या ने सबको हिला दिया है। मृतक राहुल सिंह रजक बिहार के भोजपुर जिले का रहने वाला था। वह अपने बड़े भाई सोनू रजक के साथ उतई थाना क्षेत्र की विजय पांडेय आरा मिल में काम करता था। यहीं पुराने साथियों से उसका झगड़ा इतना बढ़ा कि पांच लोगों ने मिलकर उसे लाठी-डंडों से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया और डुमरडीह बस स्टैंड के पास फेंककर भाग निकले।
पुलिस के मुताबिक राहुल अक्सर शराब पीकर झगड़ा करता था। इसी वजह से ठेकेदार विजय पांडेय ने दोनों भाइयों को नौकरी से निकाल दिया था। सोनू बिहार लौट गया, लेकिन राहुल उतई में ही रुक गया। 5 नवंबर रात करीब 10 बजे वह फिर आरा मिल पहुंचा। वहां अटल पांडेय, अक्षय कुमार, राहुल सिंह, अमरनाथ प्रजापति और अंजनी से किसी बात पर बहस हुई। देखते-देखते सभी ने मिलकर उसकी पिटाई शुरू कर दी। राहुल चीखता रहा, लेकिन कोई बचाने नहीं आया।
अगली सुबह 6 बजे बस स्टैंड के पास उसका शव मिला। सूचना मिलते ही उतई पुलिस मौके पर पहुंची। पाटन एसडीओपी अनूप लकड़ा ने बताया कि पोस्टमार्टम में सिर, छाती और पेट पर गहरे घाव मिले। मौत अंदरूनी रक्तस्राव और मस्तिष्क आघात से हुई। सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान के आधार पर पांचों आरोपियों को 24 घंटे के अंदर धर दबोचा गया। सभी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।
राहुल की पत्नी और दो छोटे बच्चे बिहार में हैं। परिजनों ने फोन पर रोते हुए कहा, “हमारा सहारा छिन गया। सरकार आरोपियों को फांसी दे।” भाई सोनू ने बताया कि राहुल पिछले 4 साल से दुर्ग में काम कर रहा था। हर महीने 10-12 हजार घर भेजता था। पुलिस ने ठेकेदार विजय पांडेय से भी पूछताछ की है। आरा मिल को सील करने की तैयारी चल रही है।
पाटन एसडीओपी ने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा के लिए सभी आरा मिलों में रात के समय गश्त बढ़ाई जाएगी। बाहर से आए मजदूरों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। दुर्ग जिले में पिछले 6 महीने में तीन बिहारी मजदूरों की हत्या हो चुकी है। प्रशासन अब प्रवासी मजदूरों की अलग रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। राहुल का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। गांव में मातम पसरा है।