1st Bihar Published by: KHUSHBOO GUPTA Updated Apr 11, 2025, 10:49:49 AM
बिहार कृषि विश्वविद्यालय का नाम एक बार फिर हुआ रौशन, रिसर्चर देबजीत बने ISRO में वैज्ञानिक - फ़ोटो google
Bihar News: बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर लगातार नये-नये कीर्तिमान हासिल कर रहा है। बीएयू के मृदा विज्ञान और कृषि रसायन विभाग के शोधार्थी देबजीत चक्रवर्ती का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद (इसरो) में वैज्ञानिक के रूप में हुआ है। देबजीत चक्रवर्ती मूलरूप से पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के सिंगुर, बोराई के रहने वाले हैं।
अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए देबजीत ने कहा कि ''कंप्यूटर टेस्ट के आधार पर मेरा चयन हुआ है। 30 दिसंबर 2024 को इसरो द्वारा एनआरएससी की परीक्षा ली गई थी, जिसमें मैं शामिल हुआ था, उसमें मुझे सफलता मिली। मेरा चयन इसरो में वैज्ञानिक के रूप में हुआ है। यूनिवर्सिटी में 5 साल से अधिक समय बीत गया। इस दौरान मुझे यहां काफी कुछ सीखने के लिए मिला। यहां जितने भी प्रोफेसर और वैज्ञानिक हैं, उन्होंने काफी मोटिवेट किया। जिसके कारण आज मैं यहां तक पहुंच पाया हूं।''
साल 2019 में देबजीत चक्रवर्ती आईसीएआर-एनटीएस फेलो के रूप में विवि में नामांकित हुए थे। वे एसएससी, बीएयू सबौर के जूनियर वैज्ञानिक डॉ. निंटू मंडल के सानिध्य में पीएचडी कर रहे हैं। उनका डॉक्टरेट शोध प्रबंध गैर-कैल्केरियस और कैल्केरियस मिट्टी में गेहूं राइजोस्फीयर के तहत लौह और जस्ता नैनोकणों के बैक्टीरिया मध्यस्थता संश्लेषण और उनके मूल्यांकन पर आधारित है। आपको बता दें कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर ने कृषि क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की है। जिनमें अनुसंधान, शिक्षा और प्रसार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य शामिल हैं।