भागलपुर/नवगछिया: बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर बाढ़ की भयावह तस्वीर सामने ला दी है। भागलपुर के नवगछिया इलाके में सोमवार तड़के करीब 3 बजे कजिकोरैया-राघोपुर सीमांत तटबंध अचानक ध्वस्त हो गया। करीब 50 मीटर के दायरे में तटबंध टूटने के बाद गंगा का पानी तेज रफ्तार से रिहायशी इलाकों की ओर फैलने लगा। देखते ही देखते खेत, सड़क और आसपास के इलाके पानी में डूबने लगे, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
तटबंध टूटते ही राघोपुर में मची अफरा-तफरी
तटबंध टूटने का सबसे ज्यादा असर राघोपुर इलाके में देखने को मिला है। राघोपुर बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का गांव भी है। तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी मंत्री के आवास तक पहुंच गया। आसपास का पूरा इलाका जलमग्न हो गया और लोगों के सामने सुरक्षित स्थान की तलाश की चुनौती खड़ी हो गई। अचानक पानी आने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग रात में ही अपने घरों और आसपास के इलाकों की स्थिति देखने के लिए बाहर निकल आए। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता सबसे ज्यादा बढ़ गई है।
रात में आई तटबंध टूटने की आवाज
स्थानीय लोगों के मुताबिक, तटबंध टूटने से पहले किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में हालात इतने बिगड़ जाएंगे। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि वह दुर्गा स्थान के पास खेत में खाट पर सो रहे थे। इसी दौरान तटबंध की तरफ से लोगों के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वे तुरंत तटबंध की ओर पहुंचे, जहां जाकर पता चला कि तटबंध टूट चुका है और पानी तेजी से फैल रहा है।
स्थानीय निवासी रविकुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही जल संसाधन विभाग के अभियंता और कर्मचारी सुबह मौके पर पहुंच गए। इसके बाद कटाव निरोधी और मरम्मत का काम शुरू किया गया। ग्रामीण भी प्रशासन और विभागीय टीम के साथ मिलकर तटबंध को सुरक्षित करने की कोशिश में जुटे हैं।
डीएम समेत बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे
तटबंध टूटने की सूचना मिलते ही भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे समेत आपदा प्रबंधन और प्रशासन के कई बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल आपातकालीन सुरक्षा उपाय शुरू किए हैं। जल संसाधन विभाग की टीम लगातार फ्लड फाइटिंग और कटाव निरोधी कार्य में जुटी हुई है।
हालांकि सबसे बड़ी चुनौती गंगा का लगातार बढ़ता जलस्तर और तेज बहाव बना हुआ है। पानी के दबाव के कारण मरम्मत कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने कहा कि जल संसाधन विभाग की टीम रात से ही तेजी से कटाव निरोधी कार्य में लगी है। गंगा की धारा का प्रवाह तेज होने के कारण कटाव हुआ है और तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मंत्री रत्नेश सदा बोले- सरकार लगातार नजर रख रही
भागलपुर में तटबंध टूटने की घटना पर मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि यह बाढ़ का मौसम है और सरकार तथा जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि तटबंध टूटने के बाद पानी का निचले इलाकों में जाना स्वाभाविक है। प्रशासन की टीम स्थिति को संभालने में लगी हुई है।
वहीं, बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने भी घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिहार में हर साल बाढ़ बड़ी चुनौती बनकर सामने आती है। भागलपुर में बांध का टूटना चिंता का विषय है। पानी का दबाव काफी ज्यादा था, जिसके कारण तटबंध टूट गया। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार जरूरी कदम उठाएगी और तटबंध को दोबारा मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
कई गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
तटबंध टूटने के बाद नवगछिया के कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खासकर निचले इलाकों में तेजी से पानी पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों को डर है कि अगर गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले घंटों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर डटी हुई हैं। टूटे हुए हिस्से को नियंत्रित करने के साथ-साथ पानी के फैलाव पर भी नजर रखी जा रही है। गंगा की तेज धार के बीच सबसे बड़ी चुनौती तटबंध की मरम्मत और आसपास के गांवों को बाढ़ के पानी से बचाना है। आने वाले कुछ घंटे नवगछिया के राघोपुर और आसपास के इलाकों के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।





