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गलत इंजेक्शन लगाने के बाद बिगड़ी महिला की तबीयत, एक सप्ताह से ICU में भर्ती; झोलाछाप डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप

बेगूसराय के तेघड़ा थाना क्षेत्र के नोनपुर गांव में कथित झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद एक महिला की हालत गंभीर हो गई। धनवंती देवी पिछले एक सप्ताह से ICU में भर्ती हैं। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बेगूसराय जिले के तेघड़ा थाना क्षेत्र के पिपरा दोदराज पंचायत अंतर्गत नोनपुर गांव में कथित झोलाछाप डॉक्टर द्वारा गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद एक महिला की हालत गंभीर होने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला की पहचान धनवंती देवी, पति श्यामाकांत ठाकुर, के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। फिलहाल महिला पिछले एक सप्ताह से आईसीयू में भर्ती हैं और उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है।



मिली जानकारी के अनुसार, नोनपुर गांव की रहने वाली धनवंती देवी का इलाज कथित ग्रामीण चिकित्सक मनोज ठाकुर द्वारा किया जा रहा था। आरोप है कि इलाज के दौरान गलत इंजेक्शन लगाए जाने के बाद महिला को घाव हो गया और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी।



परिजनों का दावा है कि इलाज में लापरवाही के कारण महिला के शरीर में संक्रमण फैल गया है। रविवार को ब्रेन स्ट्रोक होने के बाद उनकी स्थिति और गंभीर हो गई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संक्रमण के कारणों का चिकित्सकीय विवरण सामने आना अभी बाकी है।



महिला की गंभीर स्थिति के कारण परिवार के सामने उनके इलाज का खर्च उठाने और बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने की चुनौती खड़ी हो गई है। परिजन महिला की जान बचाने के लिए प्रयासरत हैं और मामले में न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।



इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और बिना आवश्यक योग्यता के इलाज करने वाले लोगों की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। आर्थिक तंगी और अस्पतालों तक पहुंच की कठिनाइयों के कारण ग्रामीण इलाकों में कई परिवार स्थानीय स्तर पर उपलब्ध चिकित्सकों से इलाज कराने को मजबूर होते हैं। ऐसे में योग्य चिकित्सक के बजाय अप्रशिक्षित व्यक्ति से इलाज कराना मरीजों के लिए जोखिम भरा हो सकता है।



घटना के बाद संबंधित स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाने की जरूरत है कि इलाज के दौरान क्या हुआ और महिला की हालत बिगड़ने के पीछे वास्तविक कारण क्या हैं।यदि जांच में बिना वैध योग्यता के चिकित्सा करने या इलाज में लापरवाही बरतने की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

रिपोर्टिंग
H

रिपोर्टर

HARERAM DAS

FirstBihar संवाददाता