Sharad Purnima 2025:शरद पूर्णिमा का महत्व

मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होते हैं और उनकी किरणों में औषधीय गुण होते हैं। इस दिन मां लक्ष्मी भी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जागरण करने वाले भक्तों को धन-धान्य का आशीर्वाद देती हैं। इसलिए यह रात बेहद खास मानी जाती है।


शरद पूर्णिमा 2025: स्नान-दान व चंद्रोदय का समय

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:39 बजे से 5:28 बजे तक

लाभ-उन्नति मुहूर्त: 10:41 बजे से दोपहर 12:09 बजे तक

अमृत मुहूर्त: दोपहर 12:09 बजे से 1:37 बजे तक

चंद्रोदय का समय: शाम 5:27 बजे


क्या करें आज के दिन 

पवित्र नदियों में स्नान करें या घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें

सफेद वस्तुएं जैसे चावल, दूध, चीनी या वस्त्र का दान करें

चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करें

मां लक्ष्मी की पूजा और मंत्र जाप करें

रात को खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखें


पूजा की विधि

पूजा स्थान को स्वच्छ कर लें और लाल कपड़ा बिछाएं

भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करें

मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं

“ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद” मंत्र का 108 बार जाप करें

चंद्रमा निकलने पर दूध, जल, चावल और सफेद फूल मिलाकर अर्घ्य दें

खीर को रातभर चंद्रमा की रोशनी में रखें और सुबह प्रसाद रूप में ग्रहण करें


शरद पूर्णिमा पर खीर का महत्व

ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणें औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं। जब खीर को खुली छत पर चंद्रमा की रोशनी में रखा जाता है, तो वह दिव्य ऊर्जा से भर जाती है। इसका सेवन करने से शरीर को रोगों से मुक्ति और मन को शांति मिलती है। साथ ही, मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं।